Indian Railways News => Topic started by ConfirmTicket on Aug 31, 2013 - 16:00:06 PM


Title - PICS : जर्मन तकनीक से बनी इस भारतीय रेल में आप भी करना चाहेंगे सफर
Posted by : ConfirmTicket on Aug 31, 2013 - 16:00:06 PM

रांची। दिन शनिवार, तारीख 1 जुलाई, हवा से बातें करने को तैयार और अपनी खूबसूरती पर इठलाती हुई वो चली आ रही थी। हर कोई उसे देखने को बेताब था। सैकड़ों की तादाद में लोगों की भीड़ स्टेशन में मौजूद थी। हर किसी के मन में यही था बस एक बार सफर करने का मौका मिल जाए। बात हो रही है जुलाई में शुरु हुई नए रैक वाली राजधानी की। रांची जक्शन के प्लेटफार्म एक से ठीक पांच बजे राजधानी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस दौरान सीनियर टीडीएम बीएन मंडल, सीनियर डीईएन (कोआर्डिनेशन) पंकज कुंवर, एसीएम अर्जुन मजूमदार, छोटा नागपुर पैसेंजर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक नागपाल, डॉ. रवि भट्ट, राम विलास शर्मा, शंकर सिंह, कृष्ण कुमार, मनोहर मुंडू, बसंत शर्मा मौजूद थे। इन्होंने यात्रियों को मिठाई के तौर पर टॉफियां बांटी।


ठीक एक दिन पहले ही राजधानी एक्सप्रेस की नई रैक रांची पहुंची थी।  उसे प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर लगाया गया था।इसके साथ ही रांची वासियों को राजधानी के मॉडर्न कोच में सफर करने का इंतजार खत्म हुआ।

आईये आगे की स्लाइड में हम आपको दिखाते हैं इस नई रैक वाली राजधानी के अंदर की तस्वीरें, कितनी शानदार और आकर्षक दिखती हैं ये ट्रेन, आप भी करना चाहेंगे सफर....
ट्रेन में 19 बोगियां हैं, जिनमें 10 थर्ड एसी, आठ सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी है। दो जनरेटर यान और एक पैंट्रीकार भी है। राजधानी एक्सप्रेस में जर्मन तकनीक से बने 22 लिंक होल्फमैन बुश (एलएचबी) डिब्बे लगे होंगे। ये बोगियां पुराने की तुलना में काफी अच्छी और आरामदेह है।

दरवाजे- पुराने कोच के पारंपरिक दरवाजों के मुकाबले नए कोच के दरवाजे ऑटोमेटिक हैं।

खिड़कियां- पुराने की तुलना में नए कोच की खिड़कियां बड़ी और खूबसूरत हैं।
चेन पुलिंग सिस्टम- पुराने कोच में पारंपरिक चेन पुलिंग सिस्टम था, जबकि नए कोच में मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सीट- पुराने की तुलना में नई बोगी में ज्यादा चौड़ी सीटें, करीब 10 इंच ज्यादा। फस्र्ट क्लास में सीटों की चौड़ाई पुराने की तुलना में लगभग दोगुनी बढ़ गई है।



रेलिंग- पुरानी बोगियों में अपर बर्थ पर रेलिंग नहीं थी, नई में यह सुविधा है। इससे बच्चों को अपर बर्थ पर सुलाने में दिक्कत नहीं होगी।

लाइट- नई बोगियों में साइड लोअर और अपर सीट पर अलग-अलग, हवाई जहाज की तरह सफेद लाइट लगी हुई है। पुरानी बोगियों में यात्रियों को कम रोशनी की शिकायत रहती थी।
पैंट्री- नए कोच में हर डब्बे में अलग से पैंट्री की जगह दी गई है, पुरानी बोगियों में यह सुविधा नहीं थी।

टॉयलेट- पहले के मुकाबले ज्यादा स्पेसियस है। स्टील के नल और हैंगर लगे हैं। पहले के कोच में ये सुविधाएं न के बराबर थीं।

चार्जिंग प्वाइंट- पुरानी बोगियों में मोबाइल/लैपटाप चार्जिंग प्वाइंट की कमी खलती थी। नए कोच में ये दिक्कत समाप्त हो जाएगी।
एसी- नए कोच में एसी सीटों के ऊपर न होकर, कॉरीडोर में लगे हैं। यह पहले से ज्यादा आरामदेह होगा।
कैटेगरी            पुराना                नया
फर्स्ट एसी          18                    24
सेकेंड एसी          46                    52
थर्ड एसी            64                    72