Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Jul 20, 2013 - 08:00:05 AM


Title - Pawan Kumar Bansal case: Congress cautions media over 'guilty' verdict
Posted by : RailXpert on Jul 20, 2013 - 08:00:05 AM

रेलवे घूस कांड में मंत्री पद गंवा चुके पवन कुमार बंसल भले ही सीबीआइ के आरोपपत्र में अभियुक्त बनने से बच गए हों, लेकिन इस मामले में उनकी संलिप्तता पर सियासी गरमी बढ़ती जा रही है। सीबीआइ की तरफ से निचली अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गवाह बने पूर्व रेल मंत्री बंसल की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सरकार व सीबीआइ पर शिकंजा कस दिया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और भाजपा महासचिव रविशंकर प्रसाद ने सीबीआइ के आरोपपत्र को बंसल को बचाने की कोशिश और जांच को भ्रमित करने का प्रयास करार दिया है। जेटली ने साफ कहा है कि जांच एजेंसी ने जो रिपोर्ट दाखिल की है, उससे ही साफहै कि पूरे रिश्वत कांड में बंसल की अहम भूमिका रही है। उन्हें गवाह नहीं अभियुक्त बनाने लायक पूरे तथ्य आरोप पत्र में मौजूद हैं।
वहीं, रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंसल को तो मुख्य आरोपी बनाने के बजाय जांच को प्रभावित करने के रास्ते निकाले जा रहे हैं। यह इस बात का एक और उदाहरण है कि कांग्रेस और केंद्र सरकार कैसे अपने हित साधने के लिए जांच एजेंसी और संस्थाओं को नष्ट कर रही है। सीबीआइ की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है। बंसल के बचाव में उतरे सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह सीबीआइ ही है, जिसने इस पूरे मामले को खोला। कांग्रेस भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं करती। इसका सुबूत है कि रेल मंत्री पद से पवनकुमार बंसल ने खुद त्यागपत्र दिया। अब मामला अदालत में है। वह मीडिया पर भी बरसे और कहा कि अदालत में ट्रायल के साथ-साथ मीडिया ट्रायल भी चल रहा है।