Indian Railways News => Topic started by Mafia on Aug 10, 2013 - 20:00:15 PM


Title - indian railway, West Central Railway Mplaij Union
Posted by : Mafia on Aug 10, 2013 - 20:00:15 PM

भोपाल। निशातपुरा स्थित कोच फैक्ट्री में वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन की महिला विंग ने संगठित महिला कामगार सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि रेलवे में महिलाकर्मियों की अहम भूमिका है। महिला कर्मियों को चाहिए कि वे फैक्ट्री एक्ट के तहत उन्हें दिए गए अधिकारों का उपयोग अपने हित में करें। इस मौके पर संगठित महिला कामगारों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने पंफलेट, ब्रोशर आदि भी बांटे गए।

सम्मेलन का उद्घाटन यूनियन की कोच फैक्ट्री इकाई के अध्यक्ष अशोक सक्सेना ने किया। विशेष अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन की सहसचिव चंपा वर्मा व संगीता तिवारी मौजूद थीं। संचालन जोनल अध्यक्ष रवींद्र जायसवाल ने किया।

गौरतलब है कि संगठित क्षेत्र के अंतर्गत काम करने वाली कई महिला रेलकर्मियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं है, जिस कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी बात को लेकर यह कामगार सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान ईद की शुभकामनाएं भी दी गईं।  

रेलकर्मियों के बच्चों की परीक्षा फीस की प्रतिपूर्ति होगी   रेलकर्मियों के बच्चों की ट्यूशन फीस के साथ अब इसी शिक्षण सत्र से परीक्षा फीस की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। कार्मिक मंत्रालय ने इस आशय का आदेश  जारी कर दिया है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल सचिव फिलिप ओमन ने बताया कि इस आदेश से रेल मंडल के 16 हजार 500 कर्मचारियों के बच्चों को फायदा होगा।      रेल कर्मचारियों के बच्चों को अभी तक केवल ट्यूशन फीस ही दी जाती थी। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन और ऑल इंडिया लेवल की यूनियन के प्रयासों से यह संभव हो सका है कि अब रेलकर्मियों के बच्चों को हर परीक्षा की फीस भी दी जाए। देशभर के करीब 20 लाख रेलकर्मियों के बच्चों को इस आदेश का फायदा मिल सकेगा।   रेलवे की न्यू पेंशन स्कीम का विरोध    रेलवे में न्यू पेंशन स्कीम का विरोध वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ कर रहा है। इस सिलसिले में संघ की विभिन्न इकाइयां हर दिन किसी न किसी स्थान पर विरोध प्रदर्श, धरना प्रदर्शन आदि कर रही हैं। संघ के मंडल अध्यक्ष राजेश पांडेय, मंडल सचिव बीडी मिश्रा ने बताया कि फिलहाल डीआरएम सहित संबंधितों को ज्ञापन व पत्र भी सौंपे जा रहे हैं। जल्द हमारे हित में निर्णय नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।      कर्मचारी नेताओं का कहना है कि न्यू पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी का 10 फीसदी बेसिक तनख्वाह में से हर महीने काटा जाएगा। इस पैसे को निकाला नहीं सकता और यदि कोई कर्मचारी उसका उपयोग जीपीएफ के नाम पर करना चाहता है तब भी उसका अधिकार नहीं होगा। वहीं, पुरानी पेंशन स्कीम में 10 फीसदी पैसे को छोड़कर शेष निकाला जा सकता है। इसलिए पुरानी पेंशन स्कीम ही फिर से लागू की जाना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों एपी शुक्ला, एमएस पुरी, आलोक त्रिपाठी, आलोक मालवीय, जेए नियाजी ने भी नई पेंशन स्कीम पर विरोध जताया है।