Indian Railways News => Topic started by Mafia on Sep 30, 2013 - 02:59:15 AM


Title - Coaches will be increased in trains - सवारी गाडियों के बढ़ेंगे डिब्बे
Posted by : Mafia on Sep 30, 2013 - 02:59:15 AM

अलवर। उत्तर पश्चिम रेलवे के सीसीएम (मुख्य वाणिज्य प्रबंधक) दीपक छाबड़ा ने कहा है कि जयपुर-दिल्ली मार्ग पर संचालित सवारी गाडियों में जल्द ही डिब्बे बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही अलवर स्टेशन पर फूड प्लाजा का काम भी जल्द शुरू होगा। छाबड़ा ने स्टेशन पर अन्य सुविधाएं बढ़ाने के भी स्थानीय रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए।

छाबड़ा पहली बार शनिवार को अलवर स्टेशन पर आए थे। वे दोपहर करीब 12.30 बजे के बरेली एक्सप्रेस से अलवर स्टेशन पर पहुंचे। सीसीएम ने अलवर को कई सौगात देने की घोष्ााणा की। उन्होंने पूछताछ काउंटर पर ऑटोमेटिक एलसीडी स्क्रीन लगाने, स्टेशन के बाहर टिकट काउंटर बढ़ाने और प्लेट फार्म पर खाली जगह पर टीनशेड लगवाने के निर्देश दिए। इसी दौरान छाबड़ा ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मालगोदाम को सीमेंटेड कराया जाएगा। वहां काम करने वाले मजदूरों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था होगी।

जयपुर दिल्ली रूट पर चलने वाली सवारी गाडियों में डिब्बे बढ़ाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि कौन-कौन सी ट्रेनों मे डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पर एक दो दिन में फैसला कर लिया जाएगा। इससे पूर्व छाबड़ा का यहां पहुंचने पर स्टेशन अधीक्षक एसएन शर्मा व मुख्य टिकट संग्राहक जीतेन्द्र शर्मा, सीएमआई रामसिंह पवार ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर जयपुर मंडल के डीसीएम (मंडल वाणिज्य प्रबंधक) रतनेश झा भी मौजूद थे। बाद मेें वे नारनौल रवाना हो गए।

यह भी कहा सीसीएम ने

-प्लेट फार्म नंबर एक बने पूछताछ केंद्र पर ऑटोमेटिक डिस्प्ले बोर्ड लगेंगे। इससे यात्रियों को ट्रेन की हर पल की सूचना मिल सकेगी।

-फूड प्लाजा का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। इसका नक्शा अनुमोदन के लिए भेजा गया है। मजूंरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। -टिकट काउंटर की बढ़ेगी।

प्लेट फार्म नंबर एक व दो के दोनों तरफ काउंटर दिए जाएंगे। -स्टेशन के पास नया साइकिल स्टैंड बनेगा। कितने क्षेत्र में स्टैंड बनेगा व उस पर कितनी लागत आएगी, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

स्कूल- कॉलेजों से होगा संपर्क

सीसीएम ने स्टेशन के अधीक्षक को निर्देश दिए कि स्कूलों व कॉलेजों से जाकर संपर्क किया जाए ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं एमएसटी बनवा सके। उसके लिए वहां के प्रधानाचार्य से बातचीत भी की जाए।