Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Aug 02, 2013 - 15:59:44 PM


Title - Cabinet gives in-principle nod to Rail Tariff Authority
Posted by : riteshexpert on Aug 02, 2013 - 15:59:44 PM

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। रेल किराया तय करने में आने वाले दिनों में राजनीति की गुंजाइश खत्म हो सकती है। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को रेल किराया और माल भाड़ा तय करने के लिए रेल टैरिफ प्राधिकरण बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी।
इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी तेल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में सरकार की 10 फीसद हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया।
सरकार की तरफ से शुक्रवार को रेल टैरिफ प्राधिकरण के गठन की घोषणा होने की उम्मीद है। अब यह तय है कि राजनीतिक वजहों से रेल किराया नहीं बढ़ाने का सिलसिला खत्म हो जाएगा। यह प्राधिकरण लागत व अन्य चीजों को देखते हुए किराया तय करेगा। साथ ही माल भाड़ा को भी जरूरत से ज्यादा बढ़ाने की परंपरा खत्म होगी।
प्राधिकरण में एक अध्यक्ष के अलावा पांच स्वतंत्र सदस्य होंगे। रेल टैरिफ प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव पहली बार वर्ष 2012-13 के रेल बजट में तत्कालीन रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने किया था। 2013-14 के रेल बजट में भी तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने इसकी घोषणा की थी। इस बीच, राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए सरकार ने पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रलय के विरोध के बावजूद आइओसी के विनिवेश का फैसला किया है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में आईओसी में केंद्र की दस फीसद हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार को इससे लगभग 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व चालू वित्त वर्षके दौरान हासिल होने की उम्मीद है।