Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jul 10, 2013 - 18:00:27 PM


Title - महिला के साथ ट्रेन में छेड़खानी का मामला निकला फर्जी
Posted by : railenquiry on Jul 10, 2013 - 18:00:27 PM

साउथ बिहार एक्सप्रेस के एसी बोगी में 20 मार्च को महिला के साथ छेड़खानी का सीआरपीएफ जवान पर लगे आरोप को रेल पुलिस ने असत्य पाया है। पुलिस मामले में अब महिला और उसके प्रेमी के खिलाफ उसके न्यायालय में अर्जी डालने जा रही है। अनुसंधानकर्ता टाटानगर रेल थानेदार राम चंद्र राम ने बताया कि महिला द्वारा रेल थाना में दर्ज किया गया मामला पूरी तरह फर्जी पाया गया अब पुलिस 182-211 धारा के तरह दोनों को हिरासत में लेने के लिए न्यायालय में अर्जी डालने जा रही है। दिल्ली की रहने वाले महिला संगीता दास (कथित प्रोफेसर) ने टाटानगर रेल थाना में लिखित शिकायत में कहा था कि 20 मार्च को साउथ बिहार एक्सप्रेस के एसी बोगी में सफर के दौरान नशे में चूर दर्जन भर सीआरपीएफ के जवानों ने उनके साथ पूरी रात अश्लील हरकत की। रेल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआरपीएफ के सभी बटालियन से रिपोर्ट मांगी थी। जांच के दौरान रेल पुलिस ने जमशेदपुर के होटल का सीसीटीवी फुटेज हासिल किया था। जिसमें संगीता अपने ट्रेन में किये गये दोस्त पटना निवासी अंशु मालयामित को एक कमरे में प्रवेश करते हुए पाया था। इससे पूर्व रेल पुलिस ने ट्रेन के अटेंडर और टिकट निरीक्षक से भी पूछताछ की थी। जिसमें पुलिस को जानकारी मिली थी कि महिला ट्रेन में सफर के दौरान अंशु नामक युवक से दोस्ती कर सरे आम अश्लील हरकत कर रही थी। जब ट्रेन के कंडेक्टर ने उसे मना किया तो वह उलटे उनसे उलझ गयी थी। बाद में महिला और उसके प्रेमी को दूसरे कोच में भेज दिया गया। उसके बावजूद दोनों की हरकत में कोई बदलाव नही आया। इसके बाद कंडेक्टर ने एक फौजी को उनके बगल की सीट में बैठा दिया। फौजी के मना करने पर महिला ने फौजी को अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए रेल थाना में मामला दर्ज कराया। कई महीनों के जांच के बाद रेल पुलिस ने मामला फर्जी पाया। अनुसंधानकर्ता रेल थानेदार रामचंद्र राम ने मामले की रिपोर्ट रेल एसपी मृत्युंजय किशोर मितू को दी।