Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Apr 25, 2013 - 16:00:05 PM


Title - अपने ही कर्मचारी लगाते हैं रेलवे को चूना, नहीं भरते फाइन
Posted by : eabhi200k on Apr 25, 2013 - 16:00:05 PM

मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूलने वाला रेल विभाग अपने कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों से यह रकम वसूलने में अक्सर पीछे रह जाता है। यह तथ्य सूचना अधिकार कानून [आरटीआइ] के तहत मध्य रेलवे से पूछे गए सवालों से सामने आया है।
अप्रैल 2009 से जनवरी 2013 के बीच मध्य रेलवे में 671 रेल कर्मचारी, 101 सुरक्षाकर्मी एवं 27 होमगार्ड बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए। इनमें से 232 रेल एवं सुरक्षाकर्मियों से टिकट निरीक्षक बतौर जुर्माना 72,234 रुपये नहीं वसूल सके। यह जानकारी मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जन सूचना अधिकारी अतुल राणे ने आरटीआइ कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा पूछे गए सवालों पर दी है। गनीमत है कि मध्य रेलवे रेलकर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों के बगैर टिकट पकड़े जाने का पृथक विवरण रखता है। पश्चिम रेलवे सहित कई अन्य मंडलीय रेल मुख्यालय तो यह विवरण ही नहीं रखते।
गौरतलब है कि रेलकर्मियों सहित आरपीएफ एवं जीआरपी के जवानों को भी रेल में यात्रा करने के लिए वैध टिकट खरीदना अनिवार्य होता है। यात्रा के दौरान बिना टिकट पाए जाने पर इन सभी के विरुद्ध भारतीय रेल अधिनियम,1989 की धारा 137 एवं 138 के अंतर्गत जुर्माना किया जाना चाहिए।
इसके बावजूद अक्सर रेल एवं सुरक्षा कर्मी बिना टिकट अथवा अपने लिए वैध श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा करते पाए जाते हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट गलगली का मानना है कि बिना टिकट या वैध श्रेणी से ऊपर यात्रा करने वाले वास्तविक रेलकर्मियों की संख्या उन्हें प्राप्त जानकारी से कहीं ज्यादा है। उन्होंने यह जानकारी मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजते हुए बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए रेलयात्रियों के नाम आरटीआइ अधिनियम की धारा 4 [1] के तहत वेबसाइट पर सार्वजनिक करने एवं बकाया जुर्माना उनके वेतन से काटने का सुझाव भी दिया है।