Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 31, 2012 - 03:00:53 AM


Title - Deshbandhu : regional,chhattisgarh,raipur,छत्तीसगढ़,रायपुर, मोटर साइकिल में कारतूस से सनसनी
Posted by : nikhilndls on Aug 31, 2012 - 03:00:53 AM

रायपुर !    तेलीबांधा रेलवे क्रासिंग के पास से पुलिस ने सोमवार की देर रात लावारिस हालत में खड़ी मोटर साइकिल से कारतूस के जखीरा जप्त किया है। वहीं जप्त मोटर साइकिल से 64 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है, जिसमें आरोपी की तलाश की जा रही हैं। मोटर साइकिल के मालिक की पहचान कर ली गई है तथा पूछताछ चल रही हैं।

तेलीबांधा थाना प्रभारी विकास ठाकुर से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की देर रात 10 बजे मुखबिर की सूचना पर तेलीबांधा रेलवे क्रासिंग निकट से मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 04 सीडी 9459 प्लेटिना को जप्त किया गया है। इस मोटर साइकिल की तलाशी में 32 एमएम के 9 कारतूस, रायफल के 20, कारतूस व 12 बोर के 35 जिंदा कारतूस जप्त हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जप्त मोटर साइकिल के मालिक की पहचान राकेश सिंह बघेल डगनिया के रूप में की गई है, जो सेंट जेवियर्स स्कूल बसों में सुपरवाईजर का काम करते हैं। इसका उनके पास ठेका है। जो घटना के दिन साथी चालकों से मिलने के लिए मोटर साइकिल से तेलीबांधा से रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे थे, जहां बातचीत के बाद वे यूरिनल करने के लिए सामने एक गली में चले गए। वापिस लौटे तो उक्त चालक गायब थे तथा उनकी गाड़ी की डिक्की में कारतूस रखे मिले, जिसे पुलिस ने जप्त किया है। लेकिन पुलिस को वाहन मालिक के बयान संशयपूर्ण लग रहे हैं।  पूछताछ में वाहन मालिक ने कारतूस के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर की हैं। वाहन मालिक का कहना है कि उसे फंसाने के लिए  किसी व्यक्ति के द्वारा कारतूस को मोटर साइकिल में रख गया। लेकिन पुलिस इसे सच नहीं मान रही हैं। पुलिस को स्थिति संदेहजनक नजर आ रही है। इसलिये वाहन मालिक को संदेह के दायरे में रखकर जांच की जा रही है। वाहन मालिक  सेंट जेवियर्स स्कूल बस में चालकों का सुपरवाईजर बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कारतूस को किसने और क्याें रखा गया होगा, इसकी तहकीकात चल रही है, लेकिन वाहन मालिक ने किसी से रंजिश से इंकार नहीं किया है। उनका कहना था कि संभव है कि उक्त वाहन मालिक को किसी विवाद में फंसाने के चलते कारतूस रखे जा सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि रंजिश व फंसाने के लिए कारतूस ही क्यों? इनके स्थान पर अन्य वस्तुएं रखी जा सकती थीं। वहीं वाहन मालिक घटना स्थल से वाहन जप्ती के दौरान पास में कहीं गया था, जिसे वाहन में कारतूस होने की जानकारी नहीं थी। यह कैसे संभव हो पायेगा। जबकि वाहन को चलाकर वह उक्त स्थान तक पहुंचा था। इसमें नक्सलियों को या किसी अन्य व्यक्ति को कारतूस पहुंचाने की तैयारी नजर आ रही है। वहीं पुलिस के अनुसार जप्त कारतूस प्रायवेट लायसेंसी हथियार के हैं, जिन्हें बाजार से खरीदकर आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। फिलहाल घटना में जांच जा रही हैं।