Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 09, 2012 - 00:20:00 AM


Title - सार्वजनिक द्रुतगामी परिवहन प्रणाली संबंधी मंत्रियों के अधिकार प्राप्‍त समूह ने दिल्‍ली मेट्रो के तीस
Posted by : nikhilndls on Aug 09, 2012 - 00:20:00 AM

सार्वजनिक द्रुतगामी परिवहन प्रणाली संबंधी मंत्रियों के अधिकार प्राप्‍त समूह की कल नई दिल्‍ली में हुई बैठक में दिल्‍ली मेट्रो के तीसरे चरण के अंर्तगत कई प्रस्‍तावों पर विचार करने के बाद इन्‍हें मंजूरी दी गई। स्‍वीकृत किये गए प्रस्‍ताव हैं:-
        I.            द्वारका से नजफगढ़ तक मेट्रो रेल
लम्‍बाई- 5.50 किलोमीटर, पूरी तरह से ऊपरगामी, कुल खंड-4 (द्वारका, नजफगढ़ डिपो, नगर निगम और नजफगढ़)।
कुल लागत-1,070 करोड़ रुपये, भारत सरकार और दिल्‍ली सरकार का हिस्‍सा- 705 करोड़ रुपये (आधा-आधा), बाकी की 365 करोड़ रुपये की राशि के लिए की जायेगी जेआईसीए से ऋण की व्‍यवस्‍था।
यह मेट्रो रेल मार्ग तीन वर्षों में 2015 तक होगा पूरा, दैनिक यात्रियों की अनुमानित संख्‍या - 2015 में 48 हजार और 2022 में 61 हजार।
नजफगढ़ में बड़ी अनाज मंडी और कई महत्‍वपूर्ण सरकारी प्रतिष्‍ठान हैं, जैसे सीमा सुरक्षा बल शिविर, केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल शिविर, भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस आदि। बहादुरगढ़ से गुड़गांव जाते हुए नजफगढ़ कर्इ गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख स्‍थल है।
      II.            मुकुंदपुर-यमुना विहार मेट्रो रेल का शिव विहार तक विस्‍तार
लम्बाई-2.717 किलोमीटर, पूरी तरह से ऊपरगामी, इसमें से 1.4 किलोमीटर उत्‍तर प्रदेश में होगी।
कुल दो स्‍टेशन, जिसमें से एक स्‍टेशन जौहरी एंक्‍लेव उत्‍तर प्रदेश में होगा।
इस परियोजना के निर्माण पर होने वाली लागत- 281.78 करोड़ रुपये (केंद्रीय करों के साथ), जिसमें से जेआईसीए से 181 करोड़ रूपये के ऋण सहित 209.08 करोड़ रूपये की राशि भारत सरकार देगी। दिल्‍ली सरकार का हिस्‍सा 20.10 करोड़ रुपये और उत्‍तर प्रदेश सरकार का हिस्‍सा 51.88 करोड़ रुपये होगा।
यह परियोजना मार्च 2016 तक पूरी होगी।
यमुना विहार-शिव विहार के विस्‍तारित मेट्रो रेल से शिव वि‍हार और आस-पास के क्षेत्रों के लिए बहु-प्रतीक्षित मेट्रो सेवा उपलब्‍ध हो जायेगी, जिसका बाद में उत्‍तर प्रदेश में लोनी तक विस्‍तार किया जा सकता है।

    III.            दिल्‍ली मेट्रो का मुंडका से हरियाणा में बहादुरगढ़ तक विस्‍तार
लम्‍बाई-11.182 किलोमीटर (6.31 किलोमीटर  दिल्‍ली में और 4.88 किलोमीटर हरियाणा में), पूरी तरह से ऊपरगामी।
कुल स्‍टेशन-7 (मुंडका इंडस्‍ट्रीयल एरिया, घेवरा, टीकरी कलां, टीकरी बार्डर, मॉडर्न इंडस्‍ट्रीयल एस्‍टेट, बस स्‍टैंड और सिटी पार्क)।
अनुमानित लागत 1991 करोड़ रूपये, दिल्‍ली का हिस्‍सा- 1079 करोड़ रूपये, हरियाणा का हिस्‍सा- 912 करोड रूपये, दिल्‍ली के लिए भारत सरकार की सहायता 518 करोड़ रूपये (जेआईसीए से 222 करोड़ रुपये के ऋण सहित) और डीडीए का योगदान 54 करोड़ रूपये। हरियाणा सरकार दिल्‍ली के हिस्‍से के लिए 152 करोड़ रूपये का अनुदान देने पर भी सहमत हो गया है। 168 करोड़ रूपये की राशि दिल्‍ली  मेट्रो रेल निगम द्वारा परिसम्‍पत्तियों के विकास के  जरिए जुटाई जायेगी और बाकी की 152 करोड़ रूपये की राशि राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली सरकार द्वारा दी जायेगी।
हरियाणा के हिस्‍से के लिए भारत सरकार का योगदान 204 करोड़ रूपये होगा। हरियाणा सरकार का हिस्‍सा 598 करोड़ रूपये और दिल्‍ली मेट्रो रेल का 110 करोड़ रूपये होगा।
परियोजना पूरी करने का लक्ष्‍य-मार्च 2016 तक।
इस मेट्रो रेल मार्ग परियोजना के पूरा हो जाने से दिल्‍ली और बहादुरगढ़ के बीच द्रुतगामी परिवहन व्‍यवस्‍था की आवश्‍यकता पूरी हो जायेगी। 2016-17 यात्रियों की अनुमानित संख्‍या होगी-96 हजार। राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्‍ली मेट्रो से जुड़ने वाला यह पाँचवा शहर होगा। अन्‍य चार शहर हैं- गुड़गांव (हरियाणा), नोयडा (उत्‍तर प्रदेश), वैशाली (उत्‍तर प्रदेश) और फरीदाबाद (हरियाणा) ।