Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Sep 18, 2012 - 15:00:16 PM


Title - पहली से झाड़ू को तरसेंगी ट्रेनें
Posted by : railenquiry on Sep 18, 2012 - 15:00:16 PM

गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के रूटों पर ट्रेनों की साफ- सफाई पर संकट गहरा गया है। पहली अक्टूबर से ट्रेनों में झाडू नहीं लग पाएगा। बजट के अभाव में आनबोर्ड हाउस स्कीम (ओबीएचएस) तथा क्लीन ट्रेन स्टेशन (सीटीएस) सेवा बंद हो जाएगी। यात्री गंदगी में यात्रा करने के लिए मजबूर होंगे।

ओबीएचएस सेवा पूर्वोत्तर रेलवे की रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों में उपलब्ध है। इसके तहत रास्ते में ही ट्रेनों की सफाई जारी रहती है। सफाईकर्मी ट्रेनों के साथ चलते हैं। कोच की सफाई के अलावा सीटों और शीशों को भी साफ करते रहते हैं। टॉयलेट की सफाई और छिड़काव आदि की जिम्मेदारी इनकी ही होती है। एसी कोचों में ओबीएचएस के मोबाइल नंबर भी मौजूद होते हैं। सफाई की जरूरत पड़ने पर यात्री सफाईकर्मियों की सेवा लेते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे में सीटीएस सेवा गोरखपुर और छपरा स्टेशनों पर है। इसके तहत तैनात कर्मचारी लंबी दूरी की गाड़ियों के यार्ड में खड़ी होने पर पर उसमें पानी आदि भरने का कार्य करते हैं। सफाईकर्मी कोच व शौचालयों को साफ करते हैं। पर, अब ऐसा नहीं होगा। गाड़ियों में गंदगी वैसी ही फैली रहेगी। कोई सुधि लेने वाला नहीं होगा।

पिछले साल भी बंद

हो गई थी सेवा

ओबीएचएस और सीटीएस सेवा पिछले साल भी बजट के अभाव में लगभग तीन माह तक बंद थी। इस दौरान सफाईकर्मियों ने धरना- प्रदर्शन भी किया था। अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याएं बताई। कार्य बंद हो जाने के बाद संबंधित फर्म ने उनकी मजदूरी रोक ली थी। फर्म का कहना था कि कार्य चालू होने पर ही मजदूरी मिलेगी। इसको लेकर सफाईकर्मी परेशान थे। उल्लेखनीय है कि रेलवे प्रशासन यह सेवा प्राइवेट फर्मो से ही कराती है। सेवा के लिए कम से कम एक साल का अनुबंध हो जाता है। पर, बजट नहीं रहने पर बीच में भी बंद कर दिया जाता है।

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सफाई कार्य बंद होने से यात्रियों के सामने कुछ परेशानियां आएंगी। उन्हें भी जागरूक रहना पड़ेगा। जैसे ही बजट आएगा इसे फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

अमित सिंह, सीपीआरओ- पूर्वोत्तर रेलवे