| Indian Railways News => | Topic started by messanger on Sep 16, 2012 - 12:00:36 PM |
Title - दर्जाचार कर्मचारी करेंगे रेलवे की जमीन पर खेतीPosted by : messanger on Sep 16, 2012 - 12:00:36 PM |
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फिरोजपुर। रेल डिवीजन फिरोजपुर के विभिन्न स्टेशनों पर तैनात सेक्शन इंजीनियर (आईडब्ल्यू) के पास दर्जा चार रेलकर्मियों ने ट्रैक के आसपास की जमीन पर खेती करने के लिए सैकड़ों की संख्या में आवेदन दिए हैं। इनसे रेलवे प्रत्येक वर्ष पंजाब सरकार की ओर से निश्चित रेट पर किराया वसूल करेगी। इसके अलावा रेलवे की ग्रो मोर फूड स्कीम से रेलवे यूनियन के कई नेताओं की ओर से ट्रैक के आसपास की विभागीय जमीन पर किया अवैध कब्जा खत्म होगा। पिछले कई वर्षों से उक्त नेता रेलवे को लाखों रुपये का चूना लगाते आ रहे हैं। ये नेता विभागीय जमीन जमींदारों को किराये पर देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार रेलवे यूनियन के कई नेताओं ने फाजिल्का रेल सेक्शन पर लगभग 70 से 80 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर जमीन पर खेती कर रहे हैं। इसी तरह हुसैनीवाला बार्डर की तरफ भी कई नेताओं ने 50 से 60 एकड़ के करीब विभागीय जमीन पर अवैध कब्जा कर धान की फसल लगाई हुई है। बताया जा रहा है कि फाजिल्का सेक्शन पर एक प्रभावी नेता ने एक दर्जा चार महिला कर्मचारी से विभागीय जमीन छीन कर खुद खेती कर रहा है। पूरे डिवीजन में यूनियन के कई बड़े से लेकर छोटे नेताओं ने विभागीय जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। कुछ दिन पहले ही उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक वीके गुप्ता ने फिरोजपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, दिल्ली व अंबाला डिवीजन के डीआरएम से बैठक कर ट्रैक के आसपास की जमीन दर्जा चार कर्मचारी को लीज पर देने की बात कही है। उसी के बाद इस मामले को युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है। ताकि रेलवे की बिगड़ती आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। विभागीय जमीन से रेलवे को प्रति वर्ष करोड़ रुपये का मुनाफा होने का अनुमान है। |