Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Aug 27, 2012 - 15:01:11 PM


Title - जापानी दल ने की जांच, 200 की स्पीड से दौड़ाई जा सकेंगीं ट्रेनें
Posted by : railenquiry on Aug 27, 2012 - 15:01:11 PM

कोटा.! छोटे-मोटे फेरबदल के बाद नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर यात्री गाड़ियों को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ाया जा सकेगा। इसके लिए सर्वे करके गई जापानी टीम ने मौखिक स्वीकृति दे दी है। जापान की 9 सदस्यीय टीम ने ढाई माह पूर्व इस रूट के पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया था।टीम ने इस रूट के ट्रैक को ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए उपयुक्त माना है। अब टीम के सदस्य रेलवे बोर्ड के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद ड्रॉफ्ट व डिटेल रिपोर्ट पेश की जाएगी।जापान के वित्त व उद्योग मंत्रालय के सहयोग से दिल्ली-मुंबई रूट पर जापान की 9 सदस्यीय टीम ने 29 दिनों में सर्वे पूरा किया था। इसके तहत मई माह में दल कोटा मंडल में पहुंचा था।टीम के सदस्यों ने कोटा से मोड़क स्टेशन तक फील्ड सर्वे किया था और रेल अधिकारियों से चर्चा भी की थी। इसमें ट्रैक की मौजूदा स्थिति, सिग्नल के स्टैंडर्ड, पुलों की स्थिति जैसे मुद्दों को शामिल किया गया था। ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधनों की जरूरत पर बातचीत की गई थी। डीआरएम एन. मधुसूदन राव का कहना है कि टीम अब दिल्ली-मुंबई रूट का सर्वे पूरा कर चुकी है।टीम के सदस्यों ने इस रूट के ट्रैक को ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए उपयुक्त माना है। इस बारे में सर्वे टीम के सदस्यों की रेलवे बोर्ड के साथ बैठक होगी, जिसमें सर्वे के दौरान सामने आए तकनीकी विषयों पर भी चर्चा होगी। यह प्रोजेक्ट काफी बड़ा होगा, क्योंकि ट्रेनों की गति बढ़ाने से पहले रूट पर ट्रैक के दोनों तरफ फैंसिंग करना पहला काम होगा। साथ ही सिग्नल सिस्टम में बदलाव करना होगा।

स्पीड के लिए करने होंगे ये प्रमुख बदलाव
:दिल्ली-मुंबई 1356 किमी के ट्रैक के दोनों तरफ फैंसिंग करवानी होगी।
:सिग्नल सिस्टम में सुधार करना होगा।

:इंजन कैब में उपकरण लगेंगे।

:विद्युतचलित ट्रेनों के लिए ट्रैक पर लगे बिजली के तार बदलने होंगे।

:पुलों की दशा सुधारनी होगी।

:घुमाव को ठीक करना होगा।

:क्या है योजना: दिल्ली-मुंबई रूट को गोल्डन रेल कॉरिडोर बनाकर ट्रेनों की स्पीड 160-200 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाने की योजना है। इसके लिए जापान के वित्त व उद्योग मंत्रालय के सहयोग से फील्ड सर्वे करवाया गया है।

राजधानी से बच जाएंगे 6 घंटे

:दिल्ली-मुंबई 1356 किमी दूर।

:अभी समय लगते हैं- 16 घंटे।

:स्पीड बढ़ने पर लगभग- 10 घंटे

दिल्ली से कोटा स्टेशन की दूरी- 458 किमी

:अभी समय लगता है- लगभग सवा चार घंटे।

:स्पीड बढ़ने पर- 3.10 घंटे।

कोटा से मुंबई की दूरी 920 किलोमीटर

: अभी समय लगता है- 12 घंटे।

: स्पीड बढ़ने पर- 8 घंटे।

दिल्ली का सफर सवा तीन घंटे में: दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ने से राजधानी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों से दिल्ली का सफर लगभग सवा तीन घंटे और मुंबई का सफर घटकर लगभग आठ घंटे रह जाएगा। अन्य ट्रेनों का समय भी कम होगा। यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर शीघ्र ही पहुंच सकेगा।

थ्री सिग्नल सिस्टम की जगह एब्सोल्यूट सिस्टम

दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर यदि ट्रेनों की गति बढ़ाई गई तो रूट के सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव करना होगा। अभी रूट पर स्टैण्डर्ड थ्री सिग्नल सिस्टम लगा है। इसे एब्सोल्यूट सिग्नल सिस्टम कहते हैं।

स्पीड कंट्रोल के लिए बदलने होंगे गियर रेशो

दिल्ली-मुंबई रूट पर यदि ट्रेनों की गति 200 किमी प्रतिघंटा की गई तो रेल इंजन में बदलाव करना होगा। इंजन में स्पीड बढ़ाने-घटाने के आधुनिक उपकरण लगाने होंगे, जिसमें गियर रेशो भी बदलने होंगे। कैब को सुविधाजनक बनाना होगा।