Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Aug 10, 2012 - 04:00:30 AM


Title - कम्प्यूटर के माध्यम से रेल टिकट (ई-टिकटिंग)
Posted by : railenquiry on Aug 10, 2012 - 04:00:30 AM

रेल राज्य मंत्री श्री के.एच.मुनियप्पा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय रेल खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) वेबसाइट के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ई-टिकट बुक किए जाते हैं। जून 2012 महीने में औसतन 3.44 लाख टिकट प्रतिदिन बुक किए गए थे। जून 2012 महीने में कुल 138.79 लाख में से 103.61 लाख का लेन-देन पूरा हुआ। अपूर्ण लेन-देन के कारणों में निचले बर्थ की अनुपलब्धता, गलत पासवर्ड की एंट्री, ग्राहक द्वारा गलत व्यक्तिगत पहचान संख्या (पीआईएन) की एंट्री, अपर्याप्त बकाया और नेटवर्क की विफलता इत्यादि शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रणाली की कार्य विधि पर नियमित रूप से निगरानी रखी जाती है। आईआरसीटीसी वेबसाइट की कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैः

• मांग को पूरा करने के लिए सर्वर की क्षमता में सुधार को अपग्रेड किया गया है।

• तत्काल टिकट और 8 बजे से 12 बजे के बीच अग्रिम आरक्षण अवधि (एआरपी) के शुरू होने के समय एजेंटों द्वारा बुकिंग करने पर रोक लगा दी है।

• इंटरनेट बैंडविड्थ को 450 एमबीपीएस तक बढ़ा दिया गया है।

मंत्री महोदय ने कहा कि विफल लेन-देन के मामले में, आईआरसीटीसी धनराशि को अपने पास नहीं रखती है और ऐसे लेन-देनों की एडवाइस के प्राप्त होने पर रिंफड की एडवाइस तत्काल भेज देती है। ब्याज के भुगतान पर विचार नहीं किया जाता है।