Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Sep 16, 2012 - 21:00:59 PM


Title - उत्तर बिहार के कई हिस्सों में बाढ़, ट्रेने भी फंसी
Posted by : eabhi200k on Sep 16, 2012 - 21:00:59 PM

पिछले दो दिनों से उत्तर बिहार में हो रही लगातार बारिश से शहर और गांव पानी-पानी हो गया है। रेल सेवा चरमराई गई है। कई नदियां खतरे का निशान पार कर गईं हैं। बिजली गुल होने के कारण उत्तर बिहार के लाखों लोग 24 घंटे से अंधेरे में हैं। पूरा शहर झील में तब्दील हो गया है। रेलवे टै्रक पर जलजमाव होने से ट्रेनों का परिचालन शुक्रवार देर रात से ठप पड़ गया। शनिवार की शाम से परिचालन शुरू हुआ। ट्रैक डूबने से सिग्नल प्रणाली बाधित हो गई। नतीजन देर रात गुजरने वाली सभी ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर फंसी रहीं। बारिश के कारण शहर के तीन फीडर ब्रेकडाउन हो गए। इसके बाद आपूर्ति ठप हो गई।



सैकड़ों परिवार पानी में फंसा



नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक समेत कई नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं हैं। सीतामढ़ी में रातो नदी में उफान आने से भिट्ठा ओपी, एसएसबी कैम्प, पुलिस कार्यालय में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई गांव जलमग्न हो गए।



भिट्ठा-जनकपुर सड़क पर पानी चढऩे से आवागमन बाधित हो गया। मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा, गायघाट आदि प्रखंडों में बागमती का पानी फैल जाने से सैकड़ों परिवार फंस गए हैं। दर्जनों गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अचानक हुई जलस्तर में वृद्धि से बभनगावां, हरणी, जोकीखुर्द, कश्मीरी टोला, बाड़ा बुजुर्ग, मधुबन प्रताप समेत एक दर्जन गांव के लोगों के सामने एक बार फिर भोजन व आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बभनगावां में चचरी पुल भी शनिवार की दोपहर पानी के तेज धार में बह गया।



रोहतास जिले में सोन सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ा



रोहतास जिला में लगातार 24 घंटों से हो रही वर्षा के बीच सोन सहित सभी महत्वपूर्ण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इधर जिला मुख्यालय सासाराम के समाहरणालय परिसर सहित दफ्तरों में वर्षा का पानी घुस गया है। कई रिहाइशी इलाकों में पानी घुस गया है। जल जमाव और वर्षा से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। जानकारी के अनुसार सोन नदी में बाणसागर और रिहंद जलाशयों से छोड़ा गया लगभग दो लाख क्यूसेक पानी रोहतास जिले में प्रवेश कर गया है। इससे नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। उधर, बांदु के समीप बीच सोन नदी में स्थित सोन टीला पर रहने वाले सैकड़ों लोगों का दोनों किनारों से संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने इन लोगों को किनारे लाने का प्रयास युद्धस्तर पर शुरू किया है। जिले में कांव, दुर्गावती, धनसोत, ठोरा, कुदरा, धर्मावती, गौरेया सहित कई नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पानी में डूब गई है।



सुपौल के कई गांवों में घुसा पानी



नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण एक बार फिर से कोसी उफना गई है। कोसी बराज से अत्यधिक डिस्चार्ज होने के बाद सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के परसामाधो, उग्रीपट्टी, औरही, सनपतहा, बनैनिया, ढोलनी, बलथरवा, कटैया, भूलिया, लोकहा, गोपालपुर, कबियाही, करहरी आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बराज कट्रोल रूम के मुताबिक, देर शाम कोसी बराज पर 2 लाख 13 हजार 545 क्यूसेक डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया है। जो कि बढऩे की स्थिति में है।