Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Nov 28, 2012 - 18:00:22 PM


Title - अब ट्रेनों पर रहेगी सेटेलाइट की नजर
Posted by : nikhilndls on Nov 28, 2012 - 18:00:22 PM

अब ट्रेनों पर रहेगी सेटेलाइट की नजर
Nov 26, 07:04 pm
केएम राज, जमालपुर (मुंगेर), निसं. : जमालपुर रेल कारखाना के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। अब कहीं भी रेल इंजन में गड़बड़ी होगी तो जमालपुर रेल कारखाना को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी। इससे न केवल पलक झपते ही मरम्मत कर इंजन को ठीक किया जा सकेगा बल्कि प्रति माह मरम्मत पर खर्च होने वाले 50 लाख रुपये की बचत भी होगी। यह संभव होगा लोको मॉनिटरिंग रिमोट सिस्टम से। इसके जरिए डीजल इंजन की गड़बड़ी का पता चल सकेगा।
जीएम जीसी. अग्रवाल के समक्ष इस सिस्टम को मुख्य कारखाना प्रबंधक अनिमेष कुमार सिन्हा ने तीन दिनों पूर्व सफलता पूर्वक रिहर्सल किया था। रेलवे अधिकारियों ने बताया, दिल्ली में तैयार इस माइक्रो प्रोसेसिंग कंट्रोल सिस्टम को डीजल इंजन में लगाया जाएगा। यह पीओएच कर बाहर भेजी जानी वाली गाड़ियों की गति सीमा व गाड़ी कहां, कब और किस हालत में है, इसकी सूचना सेटेलाइट चैनल सिस्टम से कारखाना को हमेशा भेजती रहेगी। इससे रेलवे कर्मी आंशिक गड़बड़ियों को वहां पहुंच कर मिनटों में ठीक कर सकेंगे।
सीडब्ल्यूएम ने बताया, प्रथम फेज में ग्यारह डीजल इंजनों में दोनों सिस्टमों को लगाने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। कारखाना के डिप्टी सीएमई एके. भारती, कार्य प्रबंधक पीपी हलदर सहित आधा दर्जन वरीय अनुभाग अभियंताओं की देखरेख में जीपीआरएस चिप्स प्रणाली को इंजन में फीट किया जा रहा है। इंजन से केवल चिप्स निकाल उसे टीवी स्क्रीन में देखकर कारखाना कर्मी तुरंत पता कर लेंगे कि कहां गड़बड़ी है।
दूसरा सिस्टम माइक्रो प्रोसेसर कंट्रोल प्रणाली है, जो सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ा होगा। यह इंजनों के मशीनों लुवरीकेटिंग एवं न्यूमेरिक तथा इंजनों में बन रहे मानक अश्व शक्ति पॉवर को दर्शाता रहेगा। साथ ही इंजन कहां और किस हालत में तथा किस गति से पटरी पर काम कर रहा है, यह टीवी स्क्रीन पर दिखाता रहेगा। जब पूरी तरह से इंजन खराब हो जाएगा, तभी इंजन को पूर्ण मरम्मत के लिए वापस कारखाना पीओएच के लिए मंगाना होगा। इस प्रक्रिया से प्रति इंजन 50 हजार रुपये की बचत कर जमालपुर कारखाना देश की आर्थिक प्रगति में अपनी अहम भूमिका निभाएगी।