Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 04, 2012 - 16:20:15 PM


Title - railway to follow europian model to stop fire incident
Posted by : nikhilndls on Aug 04, 2012 - 16:20:15 PM

रेलवे जिस योजना पर काम कर रहा है, वह सफल हुआ तो ट्रेनों में आग की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी। आग के कारण भारी नुकसान से परेशान रेलवे ने घटनाओं को रोकने के लिए यूरोपियन मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके लिए दो फायर सेफ्टी ऑडिट टीमों का गठन किया गया है।

टीम-बी में इलाहाबाद स्थित केंद्रीय विद्युतीकरण संगठन मुख्यालय के मुख्य सुरक्षा आयुक्त भी हैं। रेलवे ने तय किया है कि स्लीपर कोच, पॉवर कार, पेंट्री कार, एसएलआर और इंजन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर सुरक्षा मानक अपनाए जाएंगे।

पिछले दो वर्षों में ट्रेनों में आग लगने की डेढ़ दर्जन से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। तीन दिन पहले ही तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग ने इस योजना को नए सिरे से गति दे दी है। रोकथाम के लिए तीन सदस्यीय पहली जांच टीम में आरडीएसओ के अधिशासी निदेशक को संयोजक बनाया गया है। इसके साथ ही रेलवे ने फायर सेफ्टी ऑडिट प्लान भी बनाया है।

योजना है कि भविष्य में ऐसे कोच बनाए जाएं जो अग्निरोधी हों। साथ ही इसमें ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम (एएफडीएस) भी लगाएं जाएं। इसमें इलेक्ट्रिकल केबिल, स्विच गीयर और रिलेज, कोच निर्माण के सामान, कोचों के स्विच कैबिनेट, पैनल्स, बोर्ड्स में बदलाव, कोच इंस्टीग्यूशिंग सिस्टम और ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाने, कोच निर्माण इकाइयों और वर्कशॉप में टेस्टिंग लैब के निर्माण पर जोर दिया गया है।

दूसरी ऑडिट टीम के संयोजक उत्तर रेलवे के सीआरएसई हैं। इस टीम को यात्रियों के सामान की जांच, स्टेशनों पर धूम्रपान और ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थों को लेकर चलने पर रोक लगाने के उपाय बताने हैं। रेल कर्मियों को जागरूक कर चलती ट्रेन में लगी आग को बुझाने के गुर सिखाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के अपर सचिव जेएमएस रावत ने बताया कि दोनों कमेटियां 120 दिनों में रिपोर्ट देंगी। इसी के आधार पर अग्निरोधी उपाय किए जाएंगे।