Indian Railways News => Topic started by Mafia on Sep 18, 2012 - 21:01:18 PM


Title - 90 दिन पहले भी वेटिंग, ट्रेनें बढ़ाइए
Posted by : Mafia on Sep 18, 2012 - 21:01:18 PM

गोरखपुर : दिल्ली जाना हो या मुंबई, यहां तो 90 दिन पहले भी हाथ में सिर्फ वेटिंग टिकट ही आ रहा है। पूर्वाचल के लोगों को तो बजट से सिर्फ इतनी ही उम्मीद है कि इस बार पूर्वोत्तर रेलवे के खाते में कुछ और गाड़ियां आएं, ताकि दिल्ली-मुंबई की यात्रा आसान हो जाए।

कोई भी सुने तो आश्चर्य करेगा, पर यह सच है। गोरखपुर- बस्ती मंडल की आबादी करीब दो करोड़ है और गोरखपुर से दिल्ली के लिए है महज एक ट्रेन। मुंबई और दक्षिण के लिए भी बस गिनती की ही ट्रेनें हैं। रेल प्रशासन हर वर्ष ट्रेनें बढ़ाने की मांग करता है। इस वर्ष भी रेल राज्य मंत्री केएच मुनियप्पा के आश्वासन पर दिल्ली के लिए दो और एक दूरंतो ट्रेन के अलावा कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग की गई है। बस, उसे स्वीकृति मिल जाए।

यह भी है सपना : इस रेलवे का अहम सपना मुख्यालय स्टेशन गोरखपुर को विश्वस्तरीय बनाना है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर वर्ष 2009- 10 में ही सर्वे कराया गया। महाप्रबंधक के निर्देश पर एक समिति गठित हुई, जिसने पिछले साल ही कार्य योजना का पूरा प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज रखा है। अब तो इस सपने को इस बजट की ही आस है।

बनाइए सबसे लंबा प्लेटफार्म : तत्कालीन महाप्रबंधक यूसी द्वादश श्रेणी के समय वर्ष 2009 में रेल प्रशासन ने जब घोषणा की कि विश्व का सबसे लंबा प्लेटफार्म (1.3 किमी) गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बनाया जाएगा, तो यहां की जनता खुशी से झूम उठी थी। सोचा, चलो लंबे प्लेटफार्म का फायदा मिलेगा। ट्रेनें जगह के अभाव में आउटर पर नहीं खड़ी होंगी, समय से स्टेशन पर पहुंचेंगी, लेट-लतीफी दूर होगी। पर, यह योजना भी बजट के खेल में ही अटकी पड़ी है।

घोषणा पर अमल चाहिए : बोर्ड ने यहां दिल्ली और मुम्बई की तर्ज पर स्वचालित सीढ़ी (एस्कलेटर) की भी परिकल्पना की और इसकी घोषणा 2008 में ही हो चुकी है। सीढ़ी प्रथम श्रेणी द्वार के पास स्थित ओवर ब्रिज पर बननी है। जनता चाहती है, इस बार घोषणा पर अमल हो जाए। इसी प्रकार 2011 में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने यहां मल्टी फंक्शनल काम्पलेक्स बनाने की घोषणा की थी, जिसमें यात्रियों को एक ही जगह दवा से लेकर खाने-पीने और आवश्यक घरेलू सामान मिल जाते। इस सपने को भी बजट का ही इंतजार है।

इंटिग्रेटेड सिक्योरिटी

सिस्टम का है इंतजार

रेल मंत्री जी, गोरखपुर जंक्शन को इंटिग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम (एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था) का भी है इंतजार। इसके तहत गोरखपुर, लखनऊ और छपरा स्टेशन पर सिस्टम लागू करने का सपना दिखाया जा चुका है। विभाग के लोग तो कहते हैं कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू है, पर असली सूरत कब देखने को मिलेगी, शायद बजट इस पर कुछ बोले।

सांसद की चिंताओं

का भी करें ख्याल

सदर सांसद योगी आदित्य नाथ ने अभी 17 फरवरी को जो रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के नाम पत्र भेजा है और जिन छह प्रमुख मांगों का उल्लेख किया है, जनता चाहती है कि वे मान ली जाएं। उनकी मांगें हैं - 1. गोरखपुर को मंडल कार्यालय बनाया जाए। 2. दोहरीकरण और विद्युतीकरण शीघ्र पूरा किया जाए। 3. आनन्दनगर- गोंडा का आमान परिवर्तन पूरा हो। 4. सात समपार फाटकों पर ओवरब्रिज बने। 5. मानव रहित समपार फाटकों को समाप्त किया जाए। 6. गोरखपुर- कोलकाता के बीच सुपरफास्ट ट्रेन और गोरखपुर-नई दिल्ली के बीच राजधानी या दुरंतो ट्रेन चलाई जाए।