Indian Railways News => Topic started by railgenie on Jun 04, 2013 - 16:01:01 PM


Title - Rajasthan News - जैसलमेर बार्डर पर सामान ले जाने का रास्ता होगा आसान, ढाई सौ करोड़ का होगा काम
Posted by : railgenie on Jun 04, 2013 - 16:01:01 PM

उदयपुर। जैसलमेर के थयात हमीरा से सानू के बीच ढाई सौ करोड़ की लागत से बिछने वाली साठ किलो मीटर रेललाइन के लिए राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स (आरएसएमएम) ने सवा सौ करोड़ रेल मंत्रालय को दिए हैं। इस लाइन से पाक बॉर्डर पर तैनात सेना व सैन्य सामान लाने ले जाने सहित पर्यटकों को भी फायदा होगा।  
हाल ही जारी हुए रेल बजट में इस रेलवे लाइन विस्तार को हरी झंडी दी गई। इस रेल लाइन के विस्तार से आरएसएमएम की क्षेत्र में संचालित खदानों से स्टील ग्रेड लाइम स्टोन स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, टिस्को, टाटा आयरन, जिंदल जैसी कंपनियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।   उद्योग विस्तार में मिलेगी मदद ॥रेलवे लाइन के लिए आधी राशि आरएसएमएम ने दे दी है। इससे उद्योग विस्तार में मदद मिलेगी। अब रेल मंत्रालय को लाइन बिछाने का काम शुरू करना है। बालमुकुंद असावा, सीपीएल, आरएसएमएम    
किसे क्या फायदा जैसलमेर भ्रमण पर पहुंचने वाले पर्यटकों को सानू तक रेल यात्रा करना संभव होगा। वहां से पाकिस्तान बॉर्डर नजदीक ही रहेगा। सैन्य सामग्री परिवहन और बटालियन को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक आने जाने में राहत होगी। जैसलमेर में इस खनन व्यवसाय के अलावा अन्य उद्योग स्थापना में भी मदद मिलेगी।  
आरएसएमएम अपनी उत्पादन क्षमता से अधिक लाइम स्टोन उत्पादित कर इन कंपनियों को पहुंचाएगा। अब तक रोजाना चार सौ ट्रकों का उपयोग होता है। इससे बाइपास व जैसलमेर में आरएसएमएम व सैन्य वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होता है।