Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Sep 09, 2012 - 16:00:08 PM


Title - होने लगी मोनो रेल की तैयारी
Posted by : RailXpert on Sep 09, 2012 - 16:00:08 PM

जयपुर। राजधानी में मेट्रो रेल के बाद मोनो रेल दौड़ाने की भी तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार मेट्रो रेल के रूट को शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए मोनो रेल चलाने की योजना बना रही है। सिंगापुर व मलेशिया में मोनो रेल चलाने के तौर-तरीकों का अध्ययन कर हाल ही में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल व प्रमुख सचिव नगरीय विकास जी.एस.संधु लौटे हैं। धारीवाल ने बताया कि राजधानी में मोनो रेल चलाने के उद्देश्य से प्री फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।इसके लिए मलेशिया की कंपनी स्कूमी व भारत सरकार के उपक्रम इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इण्डिया लिमिटेड (ईपीआईएल) की संयुक्त टीम जल्द यहां आएगी। राज्य सरकार की मंशा है कि मोनो रेल का रूट मेट्रो रेल के फीडर के तौर पर विकसित किया जाए। स्कूमी कंपनी मलेशिया और सिंगापुर में मोनो रेल चला रही है। ईपीआईएल कोटा और जोधपुर में मोनो रेल चलाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रही है।
ये हो सकते हैं रूट
मंत्री के मुताबिक उदाहरण के तौर पर रामबाग चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर या सोडाला से वैशाली नगर तक इस मोनो रेल के रूट बनाए जा सकते हैं।
एक किमी पर 140 करोड़ खर्च
एलिवेटेड रूट पर मोनो रेल चलाने की लागत वर्तमान में करीब 140 करोड़ प्रति किलोमीटर है। कुछ स्थानों पर सतह पर ही चलाकर यह लागत कुछ कम की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि मोनो रेल के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण व संचालन निजी जन सहभागिता के आधार पर किया जाएगा।
मोनो रेल की खूबियां
कम चौड़ी सड़क पर कम चौडे ऎलिवेटेड कारिडोर पर भी संभव
मेट्रो रेल की तरह 120 डिग्री के बजाए 60 डिग्री का घुमाव ही पर्याप्त
डिपो बनाने के लिए मेट्रो की तुलना में 10 प्रतिशत जगह ही काफी