Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Sep 23, 2012 - 00:00:17 AM


Title - सीपी जोशी को मिला रेल मंत्रालय
Posted by : AllIsWell on Sep 23, 2012 - 00:00:17 AM

यूपीए-२ सरकार में रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को दी गई। 2010 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव थे। ममता ने बंगाल में चुनावी गोटी सेट करने के लिए रेलवे को हथियार बनाया।

बंगाल के लिए ही 16 रेल फैक्टरी बनाने का एलान किया गया। राज्य में सिर्फ मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए ही 11,257 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया और 9600 करोड़ रुपए अलॉट कर दिए गए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब हर साल 14 हजार करोड़ का घाटा यात्री ट्रेनों से हो रहा हो, ऐसे में 11 हजार करोड़ से ज्यादा राशि मेट्रो प्रोजेक्ट में खर्च करने के बारे में रेलवे सोच भी नहीं सकती।

ममता रेलमंत्री तो बनीं लेकिन फोकस रहा प. बंगाल पर। ज्यादातर समय कोलकाता में ही गुजारा। रेल मंत्रालय बहुत कम आईं। जरूरी फाइल पर दस्तखत कराने के लिए अधिकारियों को कोलकाता जाना पड़ता था।

दिनेश त्रिवेदी जब रेल मंत्री बने तो उन्होंने रेलवे को काफी समय दिया। मंत्रालय में ज्यादातर समय मौजूद रहे। अधिकारी भी देर रात तक काम करते रहे। रेलवे को मजबूती देने के लिए उन्होंने सैम पित्रोदा और अनिल काकोदकर के नेतृत्व में समिति भी बनाई लेकिन किराया बढ़ाने की घोषणा के साथ ही ममता ने उन्हें चलता कर दिया।

मुकुल राय भी ममता की राह पर रहे। रेलवे बोर्ड में गिने-चुने दिन बैठे। अधिकारी उनके पीछे कोलकाता भागते रहे। कोई बड़ी योजना को शुरू नहीं किया। अहम फोकस ममता बनर्जी की तरफ से घोषित डबल डेकर ट्रेन चलाने पर रखा।