Indian Railways News => Topic started by greatindian on Sep 13, 2012 - 09:01:32 AM


Title - सिग्नल में खराबी पर आएगा एसएमएस
Posted by : greatindian on Sep 13, 2012 - 09:01:32 AM

कोटा। सिग्नल में खराबी आने या किसी सेक्शन में ट्रेन पार्ट होने पर संभावित हादसों को रोकने के लिए  रेलवे की ओर से सिग्नल प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब जैसे ही कहीं सिग्नल में खराबी होगी, उसका एसएमएस सम्बंघित तकनीकी कर्मचारी  [मेंटिनर] के पास पहुंच जाएगा। अभी मंडल में कोटा-चित्तौड़गढ़ रेलखण्ड को छोड़कर सभी मार्गो पर इंटरलॉकिंग प्रणाली है। अब दिल्ली-मुंबई मार्ग पर कोटा-नागदा रेल खण्ड में 'ब्लॉक प्रूविंग विथ एक्सल काउंटर सिस्टम' लगाया जा रहा है। साथ ही सिग्नल के डाटा लॉगरों का उन्नयन किया जाएगा।
 
10 करोड़ रूपए होंगे खर्च
कोटा मंडल में 'ब्लॉक प्रूविंग विथ एक्सल काउंटर सिस्टम' स्थापित करने पर करीब 10 करोड़ रूपए खर्च होंगे। चालू वित्तीय वष्ाü में 50 फीसदी कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सिस्टम की सहायता से सिग्नल तंत्र के उपकरण यह पता लगा सकेंगे कि ट्रेन के कितने एक्सल सेक्शन से गुजर गए और कितने रह गए? इससे ट्रेन के दो भाग होने पर पीछे से आने वाली किसी अन्य ट्रेन को ग्रीन सिग्नल नहीं मिलेगा और वह ट्रेन रूक जाएगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
 रेलवे सूत्रों ने बताया कि कपलिंक या कपलर टूटने पर ट्रेनों के दो भागों में विभाजित होने की घटनाएं हो जाती है। कोटा मंडल में भी यात्री गाड़ी और मालगाड़ी के दो भाग होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऎसे हालातों में रेल दुर्घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इस जगह हुई खराबी
 मंडल में विभिन्न स्थानों पर सिग्नल के डाटा लॉगरों को बदलकर उन्हें अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रूपए का बजट स्वीकृत हुआ है। नए डाटा लॉगर उपकरण अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। मंडल के स्थानीय अघिकारियों के अनुसार डाटा लॉगर के उन्नयन के लिए अभी बजट पर्याप्त नहीं है। इसमें कुछ ही खण्डों में कार्य हो सकेगा।