Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Dec 29, 2012 - 08:00:15 AM


Title - नशे के सौदागर फंदे में, सात करोड़ की स्मैक बरामद
Posted by : eabhi200k on Dec 29, 2012 - 08:00:15 AM

Allahabad | Last updated on: December 28, 2012 5:30 AM IST
इलाहाबाद। इलाहाबाद पुलिस ने गुरुवार को नशे के काले करोबार का भंडाफोड़ करते हुए सात करोड़ की स्मैक बरामद कर ली। सरगना समेत नशे के पांच सौदागर गिरफ्तार हुए हैं। छापामारी कर पुलिस ने गिरोह के पास से स्मैक के अलावा चौदह तोला सोना, डेढ़ लाख रुपए नकद, कार, बाइक और स्कूटर बरामद किया है। पकड़े गए बदमाश दो साल में कई करोड़ का मुनाफा कमा चुके हैं। फंदे में आए गिरोह के पास आठ जिलों की सप्लाई का ठेका था। स्मैक बक्सर, बाराबंकी और शहडोल से लाई जा रही थी। बक्सर का एक सफेदपोश दिनेश स्मैक की खेप यूपी पहुंचाता था। पूछताछ कर पुलिस दूसरे धंधेबाजों की तलाश में दबिश दे रही है। एसएसपी के मुताबिक, पकड़ी गई स्मैक की कीमत इंटरनेशनल बाजार में 45 से 50 करोड़ केबीच आंकी गई है।
मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री की सूचना पर एसएसपी मोहित अग्रवाल ने एसएसपी रोहन पी कनय और उनकी टीम को लगाया। कई दिन की जद्दोजहद के बाद गुरुवार को पुलिस टीम ने मौत के नशे के धंधेबाजों को दबोच लिया। पुलिस टीम ने स्मैक की बड़ी खेप खरीदने के बहाने गिरोह तक पहुंच बनाई और गैंग के सरगना विनोद सिंह पुत्र गुप्तेश्वर सिंह निवासी नई बस्ती कीडगंज और उसके चार गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी के मुताबिक, विनोद के अलावा राकेश सोनकर पुत्र गया प्रकाश सोनकर निवासी राम नारायण इंटर कालेज के पास नैनी, योगेश पुत्र योगेंद्र जायसवाल निवासी खलासी लाइन कीडगंज, प्रकाश पुत्र राधेश्याम निवासी चौखंडी कीडगंज और सूरज उर्फ टिंकल पुत्र राकेश गुप्ता निवासी गंगा स्टोर कीडगंज को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डेढ़ किलो से अधिक प्योर स्मैक बरामद की गई है। लूट और छिनैती करने वाले बदमाश गिरोह को गहने देकर स्मैक ले जाते थे। बदमाशों केपास से चौदह तोला सोना, स्मैक बिक्री के डेढ़ लाख रुपए भी मिले हैं। यह गिरोह तीन गाड़ियों से स्मैक सप्लाई करते थे। सेंट्रोे कार, बाइक और स्कूटर भी पुलिस के कब्जे में है। गिरफ्तारी करने वाले एएसपी रोहन पी कनय, एसओ अतरसुइया राजेश नारायण, दरोगा राकेश तिवारी, हेड कांस्टेबिल मिर्जा रिजवान बेग, जुलकर नैन, अनूप सिंह, मो. अली, विनोद आदि को दस हजार रुपए इनाम दिया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि विनोद और राकेश स्मैक बिहार के बक्सर, बाराबंकी और मध्य प्रदेश के शहडोल से लाते थे। बड़ी खेप बक्सर के दिनेश से मिलती थी। गिरफ्तार विनोद के मुताबिक, दिनेश खुद को नेता बताता है। यूपी में वह बड़े पैमाने पर सप्लाई करता है। इस गिरोह की सप्लाई इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बांदा, जौनपुर, भदोही आदि में थी।
मौत का नशा सप्लाई करने वाले इस गिरोह केपास से प्योर अनकट स्मैक मिली है। एसएसपी मोहित अग्रवाल के मुताबिक, बक्सर से अनकट स्मैक लाने के बाद यहां पावर पाउडर मिलाया जाता है। आधा ग्राम अनकट स्मैक में पांच ग्राम पाउडर मिलाकर सप्लाई किया जाता है। भूरे रंग की स्मैक सफेद पाउडर मिलने के बाद कलर बदल देती है। पांच ग्राम की एक पुड़िया स्मैक में धंधेबाज सौ छोटी पुड़िया बनाते हैं, एक पुड़िया सौ से 120 रुपए में बिकती है।
धंधेबाजों को पुलिस ने काफी ड्रामा कर पकड़ा। एएसपी रोहन पी कनय खुद धंधेबाज बनकर पेश हुए। हेड कांस्टेबिल मिर्जा रिजवान को सप्लायर बनाया गया। इसके बाद गिरोह का सरगना बातचीत में फंस गया। एडवांस में रुपए देने के बाद वह स्मैक दिखाने ले गया और पुलिस ने घेरेबंदी कर नशे के सौदागर को दबोच लिया।
धंधेबाजों ने पूछताछ में कबूल किया कि महाकुंभ की वजह से इतनी बड़ी खेप मंगाई गई थी। सरगना विनोद के मुताबिक, कुंभ के दौरान सप्लाई मिलने से इंकार किया गया था इसलिए पहले से स्मैक मंगा ली गई थी।