Indian Railways News => Topic started by irmafia on Sep 12, 2012 - 16:00:37 PM


Title - आखिर दुरंतो ही दौड़ी पटरी पर - अमृतसर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट
Posted by : irmafia on Sep 12, 2012 - 16:00:37 PM

सच्चाई

दुरंतो का नाम बदल कर अमृतसर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट तो रखा गया, लेकिन न बदला रैक न ट्रेन पर से नाम

सस्ते में राजधानी पहुंचने पर खिल उठे मुसाफिरों के चेहरे


भले ही मंगलवार सुबह अमृतसर से चंडीगढ़ के बीच चलने वाली दुरंतो का नाम बदल कर अमृतसर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट रख दिया गया हो, लेकिन पहले दिन न तो ट्रेन पर लिखा नाम बदला गया और न ही दुंरतो का रैक। आखिरकार जालंधर, लुधियाना में ठहराव के साथ ही अमृतसर से दुरंतो का ही रैक रवाना हुआ।

सुबह पांच बजकर बीस मिनट पर अमृतसर-चंड़ीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई। ट्रेन का एसी कोच के साथ ही बाकी डिब्बों में रोजाना से कहीं अधिक सवारियां मौजूद थीं। करीब 500 यात्री अमृतसर से ट्रेन में सवार हुए। किराया कम होने के चलते गुरु नगरी से राजधानी जाने वाले मुसाफिरों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। अधिकांश मुसाफिर जनरल डिब्बों में यात्रा कर रहे थे।

जनरल डिब्बे में बैठे मुसाफिरों ने कहा कि इस ट्रेन से वह मात्र 91 रुपये में चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे, जबकि आम बसों में यही किराया करीब 170 रुपये व एसी बसों में तीन सौ से लेकर साढ़े तीन सौ रुपया किराया है। ऐसे में यह ट्रेन आम लोगों के लिए बहुत अच्छी साबित होगी। जहां किराया कम है वहीं चंडीगढ़ पहुंचने का समय भी कम लगेगा।

इसी के साथ ही अमृतसर के लोकल पैसेंजर को भी एक नई ट्रेन मिल गई है। डेली पैसेंजर को जालंधर-लुधियानाआफिस पहुंचने के लिए यह ट्रेन अन्य ट्रेनों से बेहतर है, वहीं इस ट्रेन के दो ही स्टापेज होने से समय की भी बचत होगी। उधर, मंगलवार सुबह फिरोजपुर रेल डिवीजन के डीआरएम एनसी गोयल व अन्य आला अधिकारियों की टीम अमृतसर में मौजूद थी, लेकिन इस ट्रेन के चलाए जाने के मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।

पता नहीं था, नहीं मिलेगा आज खाना

रजनी महाजन अपने दो बच्चों के साथ चंडीगढ़ जा रही थी। उसे ट्रेन में पता चला कि आज चंडीगढ़ जाते समय खाना नहीं दिया जाना है। रजनी ने बताया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी इसलिए वह घर से खाने का सामान लेकर नहीं आई। इसी तरह विवेक शर्मा ने भी बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशन पर आकर पता चला कि आज से इस ट्रेन का ठहराव जालंधर व लुधियाना में होगा और रास्ते में कैटरिंग की व्यवस्था जो पहले थी वह हटा ली गई है।

दुरंतो के स्थान पर लगेगा नया रैक

मंगलवार को अमृतसर से चंडीगढ़ के बीच चलने वाली अमृतसर-चंडीगढ़ सुफरफास्ट ट्रेन का पहले दिन रैक दुरंतो वाला ही गया। इसमें एसी, नान एसी (आरक्षण) व जनरल डिब्बे थे। चूंकि अभी तक अमृतसर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट का रैक नहीं पहुंचा है, लेकिन जल्द ही रैक पहुंचने के बाद दुरंतो का यह रैक दिल्ली मुख्यालय वापस भेज दिया जाएगा।

ट्रेन के ड्राइवर भी खुश

मंगलवार को अमृतसर-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन ले जाने वाले ड्राइवर बलविंदर सिंह व सहायक ड्राइवर इन्द्रजीत सिंह ने खुशी से कहा कि आज गुरु नगरी व राजधानी के बीच ट्रेन की नई शुरुआत नए नाम से होने के बाद उसे चंडीगढ़ ले जाने का सौभाग्य मिला है। रेलवे के रिकार्ड में उन दोनों का नाम दर्ज हो जाएगा। हम दोनों इस बात के लिए काफी खुश हैं।

झंडी दिखाकर झूम उठा ट्रेन का गार्ड

ट्रेन के गार्ड विनोद शर्मा कहते हैं कि जिदंगी भर रेलवे की नौकरी करने में ऐसे बहुत कम क्षण आते हैं जब किसी गार्ड को नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का मौका मिलता है। मुझे खुशी है कि यह सुअवसर मुझे मिला। गुरु नगरी से राजधानी को जोड़ने वाली इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर मेरा दिल खुशी से झूम उठा है।