| Indian Railways News => | Topic started by TrustMe on Jan 06, 2013 - 18:00:41 PM |
Title - रेलवे पुलिस के पास भी स्टाफ की कमीPosted by : TrustMe on Jan 06, 2013 - 18:00:41 PM |
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जींद : ट्रेनों में भी महिलाओं की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है। आरपीएफ और जीआरपी के पास इतने कर्मचारी नहीं है कि हर ट्रेन में जाकर चेकिंग की जा सके। यही नहीं जींद से होकर जाने वाली ट्रेनों में लगने वाले महिला कोच में भी कई बार पुरुषों द्वारा सफर करने के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें आरपीएफ और जीआरपी अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई करती है।यदि बात राजकीय रेलवे पुलिस की हो तो जींद व नरवाना को मिलाकर 27 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। हालांकि इन कर्मचारियों को दिल्ली-फिरोजपुर मार्ग पर किलाजफरगढ़ से लेकर टोहाना, जींद-पानीपत मार्ग पर करसिंधू स्टेशन, जींद-कुरुक्षेत्र मार्ग पर कलायत तक ट्रेनों तथा स्टेशनों पर ड्यूटी बजानी पड़ती है। राजकीय रेलवे पुलिस के पास जींद थाने में 20 कर्मचारियों की तैनाती है।इसमें एक एसआइ रेंक का एसएचओ, तीन एएसआइ, आठ ईएएसआइ, तीन हैड कांस्टेबल तथा एक कांस्टेबल शामिल है। इसके अलावा कांस्टेबल स्तर की चार महिला पुलिस कर्मचारियों की तैनाती गई है। यही कर्मचारी स्टेशन के अलावा थाने, सम्मन, निगरानी, ट्रेनों में चेकिंग के अलावा केसों की जांच का कार्य देखते हैं।इन चार महिला पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी जहां स्टेशन पर चेकिंग के साथ-साथ टिकट घर पर लगती है, वहीं ट्रेनों की जांच भी कराई जाती है। चार महिला पुलिस कर्मचारियों के सहारे जंक्शन से गुजरने वाली लगभग 50 से अधिक सवारी ट्रेनों की जांच व सुरक्षा का जिम्मा है।वहीं रेलवे सुरक्षा बल की जाए तो कर्मचारियों की कमी यहां भी खल रही है। यहां सिर्फ पुरुष कर्मचारियों की ड्यूटी है। महिला पुलिस कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। इनका काम भी ट्रेनों, स्टेशनों पर जांच करना है। वहीं रेलवे सुरक्षा बल ने साल भर में महज पांच मामले दर्ज कर मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की है।रोजाना सफर करने वाली महिलाओं में छात्राएं व कामकाजी शामिल हैं। साथ ही छात्र व दैनिक यात्री भी सफर करते हैं। सफर के दौरान धक्कामुक्की, पास खड़े होकर छेड़छाड़ व उतरते-चढ़ते समय परेशानी का सामना करने वाली महिलाओं को सुरक्षा की दरकार है। सफर करने वाली महिलाओं ने दबी जुबान में चौंकाने वाली व्यथा उजागर की है। सफर के दौरान महिलाओं में असुरक्षा की भावना अब रेल के सुहाने सफर को भी शका में डाल रही है। |