| Indian Railways News => | Topic started by riteshexpert on Jan 05, 2013 - 21:00:05 PM |
Title - रेलवे की एक ऐसी लापरवाही जिसने लोगों को लगाया करोड़ों का चूना!Posted by : riteshexpert on Jan 05, 2013 - 21:00:05 PM |
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जालंधर. सर्कुलर टूअर टिकट की बिक्री में रेलवे की लापरवाही के कारण लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। देशभर में हुए इस गड़बड़झाले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। पता यह भी चला है कि कंप्यूटराइज्ड सर्कुलर टूअर टिकट के लिए ट्रेन नंबर दर्ज करने के बावजूद अधिक किराया वसूला गया। यह किराया लिया गया सुपरफास्ट चार्ज के रूप में। टिकट के साथ सुपरफास्ट चार्ज लगा होने के बावजूद क्लर्क अलग से सुपरफास्ट की टिकट बनाते रहे। ठीक उसी तरह जैसे मैन्युअल सिस्टम में किया जाता था।जालंधर के लोहा कारोबारी सुदेश भंडारी की जिद के कारण ही इतने खुलासे हो पाए हैं। परंतु अब भी रेलवे के अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं। या तो अधिकारी जवाब देने से कन्नी काट काट जाते हैं या फिर इतना भर कह रहे हैं कि जांच की जाएगी।सुदेश भंडारी के अनुसार रेलवे ने अगस्त महीने में सर्कुलर टूअर टिकट को मैन्युअल की बजाय कंप्यूटराइज्ड करने का आदेश दिया था। परंतु इसके लिए न तो कोई सर्कुलर स्टेशनों पर भेजा गया और न ही कर्मचारियों की ट्रेनिंग करवाई गई। रिजर्वेशन क्लर्क मात्र कंप्यूटर पर दिए निर्देशों के अनुसार टिकट बनाते रहे। लोहा व्यापारी सुदेश भंडारी ने जब अधिक किराया वसूले जाने पर आपत्ति जताई, तो प्रारंभिक जांच हुई। किलोमीटर की गड़बड़ी पाई गई, तो क्लर्को को मौखिक रूप से यह आदेश दे दिए गए कि ट्रेन नंबर दर्ज किए जाएं। ऐसा करने से वह समस्या तो दूर हो गई, लेकिन अब भी साठ रुपए का फर्क आ रहा था। इस पर उन्होंने दोबारा मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड और विजिलेंस से की। अब इसकी जांच अभी तक चल रही है। |