| Indian Railways News => | Topic started by chotelal on Jan 04, 2013 - 20:00:05 PM |
Title - गैस से चलने वाले इंजन पटरियों परPosted by : chotelal on Jan 04, 2013 - 20:00:05 PM |
|
|
ऊर्जा बचत को ध्यान में रखकर रेलवे बायो डीजल से इंजन चलाने की व्यवस्था कर रहा है। शुरूआत में दस फीसद उपयोग की योजना है। प्रदूषण नियंत्रण के बाबत सीएनजी इंजन तैयार करने के लिए शोध चल रहे हैं। अब तक के रिसर्च से लगता है कि शीघ्र ही गैस से चलने वाले इंजन पटरियों पर होंगे।डीरेका में गुरुवार को उच्च अश्व शक्ति के 900वें इंजन का लोकार्पण करने के बाद रेलवे बोर्ड के सदस्य (यांत्रिक) केशव चंद्रा पत्रकारों से मुखातिब थे। वर्तमान में डीरेका 5500 अश्व शक्ति का इंजन बना रहा है। क्या भविष्य में 6500 एसपी के इंजनों का निर्णय कराया जाएगा। यह पूछे जाने पर उनका कहना था कि धीरे-धीरे आगे बढ़ा जा रहा है। शोध चल रहे हैं लेकिन अभी से कुछ कहना ठीक नहीं होगा।एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अब इंजनों में विजलेंस कंट्रोल डिवाइस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। यह ऐसा सिस्टम है कि यदि पायलट एक मिनट तक कोई हरकत न करें यानी उन्हे नींद आ जाए। बीमार पड़ जाए या चोट लग जाए, तो इंजन स्वत: खड़ा हो जाएगा। लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि पद से श्री चंद्रा ने संबोधन में कहा कि डीरेका ने नौ माह यानी दिसंबर तक लक्ष्य 206 के सापेक्ष 212 इंजनों का उत्पादन कर एक रिकार्ड बनाया है। श्री लंका को आधा दर्जन इंजन निर्यात किया गया। बांग्लादेश से 26 इंजन बनाने का अनुबंध हो चुका है। मार्च तक दस इंजन निर्यात किया जाना है। |