Indian Railways News => Topic started by railgenie on Feb 17, 2013 - 20:00:06 PM


Title - indian railway 10139536
Posted by : railgenie on Feb 17, 2013 - 20:00:06 PM

रेल

दुनिया के बड़े रेलवे नेटवर्क में शुमार। भारतीय रेल। नेटवर्क की दृष्टि से दुनिया में तीसरा, प्रति किमी यात्री ढोने में पहला, माल ढुलाई के मामले में चौथा स्थान। इन्हीं स्थायी खूबियों के चलते इसे राष्ट्र की जीवनरेखा कहा जाता है। हो भी क्यों न, शायद विकल्पों का अभाव इन उपाधियों को बरकरार किए हुए है। हर साल यात्री सुविधाओं सहित तमाम सहूलियतों को बेहतर करने के लिए इसके वित्ताीय प्रबंधन का सरकार अलग से बजट पेश करती है। इसी फेहरिस्त में एक और रेल बजट पेश होने को है।

फेल

सुविधाओं को बढ़ाने के लिए योजनाओं की बानगी पेश करते हुए अब तक दर्जनों रेल बजट पेश किए जा चुके हैं। स्थिति बदतर नहीं, तो बहुत अच्छी भी नहीं है। सुधार घोंघे की गति से चल रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा हो जिसने अपने जीवनकाल में रेलयात्रा न की हो, उसे रेलवे की सुरक्षा, संरक्षा और सुविधाओं के बारे में बताने की जरूरत नहीं है। अधिकांश ट्रेनें लेट होती हैं। व्यस्त रूट, साफ-सफाई का रोना, क्षेत्रीय असंतुलन, यात्री सुविधाओं का टोटा जैसी खामियां अर्से से बनी हुई हैं। जबकि एक बड़ा तबका ऐसा है जिसे बेहतर सुविधाओं के नाम पर अपनी जेब ढीली करने से गुरेज नहीं।

खेल

सुधार के नाम पर क्षेत्रीय और वोट बैंक की राजनीति हावी है। नीति नियंताओं की इच्छाशक्ति के अभाव में सब कुछ असंभव दिखता है। नहीं तो दिल्ली मेट्रो का उदाहरण सबके सामने है। एक दशक से लंबित किराए में वृद्धि करके नए रेल मंत्री ने सुधार के सख्त कदम उठाने के संकेत दे दिए हैं। ऐसे में रेल मंत्री से इस रेल बजट मेंसुहाने सफर की आस करना हम सब के लिए एक बड़ा मुद्दा है।

जनमत

क्या अपेक्षित रेल सुविधाओं के लिए आप ज्यादा किराया देने को तैयार हैं?

हां 58 फीसद

नहीं 42 फीसद

क्या सुरक्षा, संरक्षा और सुविधाओं की कसौटी पर भारतीय रेल खरी उतरती है?

हां 22 फीसद

नहीं 78 फीसद

आपकी आवाज

कुछ खामियों का अगर नजरअंदाज कर दिया जाए तो निश्चय ही भारतीय रेल अन्य यातायात संसाधनों की अपेक्षा सरल, सुलभ और सस्ता साधन है। इसलिए आम आदमी इन सुविधाओं के लिए अधिक कीमत चुकाने को भी तैयार है। -शुभ जीपीटी 100 जीमेल.कॉम

दिनोदिन यात्रियों की बढ़ती संख्या और महंगाई के बीच रेलयात्रा के दौरान संरक्षा और सुरक्षा को बनाये रखने एवं सुविधाओं में आवश्यक सुधार के लिए इसका किराया बढ़ाया जाना तर्कसंगत है। -वंदना एलकेओ वेस्ट जीमेल.कॉम

भारतीय रेल केवल चल रही है। इससे कोई अपेक्षा रखना दिवास्वप्न की भांति ही है। -हेमंत.बाथनाहा 20 जीमेल.कॉम