| हरनौत की कोच फैक्टरी को है उद्घाटन का इंतजार by railenquiry on 22 February, 2013 - 06:00 PM | ||
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railenquiry | हरनौत की कोच फैक्टरी को है उद्घाटन का इंतजार on 22 February, 2013 - 06:00 PM | |
बिहार में लंबित रेल परियोजनाओं में कुछ को ही धरातल पर लाया जा सका है. वर्ष 2003 में हुआ था शिलान्यास, निर्माण में लग गए दस साल दस वर्षों के बाद नालंदा जिले के हरनौत में बन रही कोच मेंटीनेंस फैक्टरी बनकर तैयार हो गई. इसमें रिपेयरिंग का सिलसिला शुरू हो चुका और पूर्व मध्य रेलवे के चार कोचों को ट्रायल के आधार पर रिपेयरिंग भी किया गया है. लेकिन अब भी यह कोच फैक्टरी उद्घाटन का इंतजार कर रही है. परियोजना की लागत 98 करोड़ से बढ़कर 328 करोड़ पर पहुंची वर्ष 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम एवं तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने शिलान्यास किया था. वर्ष 2006 तक इस फैक्ट्री को बनकर तैयार हो जाना था लेकिन फैक्टरी के निर्माण में दस वर्ष गुजर गए. जिस वक्त कोच रखरखाव फैक्टरी का शिलान्यास हुआ था उस वक्त इसकी लागत महज 98 करोड़ रखी गई थी. केंद्र से एनडीए सरकार के हटने के बाद यह प्रोजेक्ट अधर में लटकता गया और इसके निर्माण की समय सीमा भी धीरे-धीरे बढ़ती गई. प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली राशि भी तेजी से बढ़ती गई. फैक्टरी निर्माण की लागत बढ़कर 230 करोड़ हो गई. कुल मिलाकर फैक्टरी के निर्माण में 328 करोड़ खर्च हुए. कई बार टल चुका इस परियोजना के उद्घाटन का कार्यक्रम वर्ष 2012 में फैक्टरी पूरी तरह बनकर तैयार हो गई. फिलहाल यहां रिपेयरिंग का कार्य शुरू हो गया है. दस दिन पूर्व चार कोचों को तैयार कर पूर्व मध्य रेलवे को सुपुर्द कर दिया गया है. अब बस इंतजार है तो इसके उद्घाटन का जिसके बाद यहां विधिवत कार्य शुरू हो जाएगा. फैक्टरी के लिए अधिग्रहीत की गई 115 एकड़ जमीन में 78 एकड़ में वर्कशॉप एवं 37 एकड़ में स्टाफ क्वार्टर का निर्माण कराया गया है. साथ हीं इसमें 18 माडर्न रिपेयर वर्कशाप बनाए गए हैं. फैक्टरी में 50 कोच की रिपेयरिंग प्रतिमाह करने का लक्ष्य है. इस फैक्टरी में अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी सहित कुल 1200 लोगों के कार्य करने की क्षमता है. इस परियोजना के चालू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. | ||