Indian Railways News => Topic started by Mafia on Sep 30, 2013 - 08:59:24 AM


Title - 200 ट्रेनों में असफल, दु:खद व अमंगलमय यात्रा 10759970
Posted by : Mafia on Sep 30, 2013 - 08:59:24 AM

कानपुर, एक प्रतिनिधि: रेलवे स्टेशन पर आप पहुंचेंगे तो उद्घोषणा सुनाई देगी कि यात्रीगण कृपया ध्यान दें.., हम आपके सफल, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हैं। लेकिन रेलवे की यह कामना महज छलावा है, क्योंकि सेंट्रल से रोज गुजरने वाली 320 सवारी ट्रेनों में करीब दो सौ ट्रेनों में आपकी सुरक्षा के लिए पुलिस स्कॉट नहीं होता। यही वजह है कि लुटेरे, बदमाश व जहरखुरान जीआरपी व आरपीएफ की कमजोरी को भांपते हुए ट्रेनों में यात्रियों संग वारदात को अंजाम देकर आराम से निकल जाते हैं और पुलिस बल लकीर पीटता रह जाता है।

सेंट्रल स्टेशन की जीआरपी का स्कॉट मात्र 12 ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था संभाले है। इतनी ही ट्रेनों का जिम्मा आरपीएफ के पास भी है। इलाहाबाद, लखनऊ, टुंडला, मुगलसराय, झांसी के जीआरपी और आरपीएफ की पुलिस चौकी को भी मिला लें तो करीब 60 से 70 और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ जाती है। बाकी ट्रेनें राम भरोसे हैं। अब इस कमी की नतीजा जानिए। दिल्ली हावड़ा रूट पर पिछले कुछ वर्षो में सौ से अधिक ट्रेनों में डकैती पड़ चुकी हैं। ये सभी डकैतियां टुंडला से गाजियाबाद के बीच की हैं। जहरखुरानी की 2000 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। लूट छिनैती की घटनाएं भी साढ़े तीन हजार से ज्यादा हैं। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरनाक झकरकटी का पुल है। यहां दो ट्रेन यात्रियों की हत्या भी लुटेरे कर चुके हैं।

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इंसेट..

इस वर्ष कुछ प्रमुख घटनाएं

ø 2 अप्रैल को जनसाधारण में डकैती।

ø 5 अप्रैल को नीलांचल में डाका।

ø 6 अप्रैल को शिकोहाबाद पैसेंजर में पांच लाख के जेवर उड़ाए।

ø 7 अप्रैल को सीमांचल एक्सप्रेस में नेपाली यात्री को लूटकर गोली मारी।

ø 29 जून को अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में डकैती।

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''सेंट्रल स्टेशन के अलावा कई स्टेशनों की रेलवे पुलिस ट्रेनों में स्कॉट करती है। प्रत्येक ट्रेनों को स्टेशनों पर चेक किया जाता है। संदिग्ध यात्रियों से पूछताछ भी होती है।''

-संजय पांडेय, इंस्पेक्टर, आरपीएफ, सेंट्रल स्टेशन