Indian Railways News => Topic started by irmafia on Jul 24, 2013 - 15:00:39 PM


Title - 17 साल पहले ट्रेन में चोरी हुआ सामान, अब मिलेंगे दो लाख
Posted by : irmafia on Jul 24, 2013 - 15:00:39 PM

ट्रेन में सामान चोरी होने की घटनाएं आम हैं, लेकिन फर्ज कीजिए कि ऐसा होने के 17 साल बाद अगर किसी को हर्जाना मिले, तो वह खुश हो या इस देरी पर दुखी।

शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को उस लेडी डॉक्टर को हर्जाने के रूप में 2.01 लाख रुपए चुकाने के निर्देश दिए हैं, जिनका सामान 1996 में चोरी हो गया था। वह कुशीनगर एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं।

नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल ‌कमिशन (एनसीडीआरसी) ने महिला का सामान चोरी होने के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है।

उसका कहना है कि टिकट चेकर को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति रिजर्व कोच में ‌दाखिल न हो। वह ऐसा नहीं कर सका, जिसके लिए रेलवे प्रशासन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, 'इस बात में कोई संदेह नहीं है कि श‌िकायतकर्ता और उनकी बेटी रिजर्व कोच में सफर कर रही थीं और यह टीटीई की ड्यूटी थी कि वह किसी अनाधिकृत को रिजर्व कंपार्टमेंट में दाखिल न होने दे।'

एनसीडीआरसी ने यह आदेश देते हुए रेलवे की अपील खारिज की, जो उसने उत्तर प्रदेश उपभोक्ता आयोग और डिस्ट्रिक्‍ट फोरम के आदेश के खिलाफ की थी।

अपनी अपील में रेलवे ने दलील दी थी कि उसकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है और जब तक सामान उसके यहां बुक नहीं कराए जाता, उसे हर्जाना देने की जरूरत नहीं है।