Indian Railways News => Topic started by irmafia on Feb 28, 2013 - 09:00:36 AM


Title - रेल बजट में हिमाचल को सर्वे के सिवा कुछ नहीं
Posted by : irmafia on Feb 28, 2013 - 09:00:36 AM

रेल बजट 2013-14 में हिमाचल को एक
बार फिर निराशा हाथ लगी है। राज्य
को तीन नई और दो पुरानी रेल
लाइनों पर प्रारंभिक सर्वे के सिवा कुछ
नहीं मिला। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने
वित्त वर्ष 2013-14 में राज्य में तीन
नई रेल लाइनों के लिए सर्वे करवाने
की बात कही।
ये हैं अंब से कांगड़ा वाया नादौन, बद्दी-
बिलासपुर और धर्मशाला-पालमपुर।
हालांकि बजट में इनके लिए इस साल महज
1000 रुपए का टोकन मनी रखा गया है।
दो पुराने सर्वे परवाणू-दाड़लाघाट और
बिलासपुर-रामपुर बुशहर को भी इस साल
बजट में 6 लाख और 16 लाख का प्रावधान
किया गया है। ऊना-होशियारपुर और
घनौली-देहरादून वाय कालाअंब-
पांवटा का सर्वे बंद कर दिया गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने अपनी बजट भाषण में
मनाली-लेह रेल लाइन की स्वीकृति के
लिए काम करने को कहा।
हालांकि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल
लाइन की तरह यह बजट में शामिल
नहीं की गई। चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन पर
बजट में चुप्पी भी प्रदेश सरकार के लिए
बड़ा झटका है।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन
का उल्लेख भी बजट में नहीं आया। रेल
मंत्री ने रेलवे संबंधी ट्रेडों में युवाओं
को दक्ष बनाने के लिए पूरे देश में 25
स्किल डवेल्पमेंट सेंटर खोलने की बात
कही। इनमें शिमला में भी एक ऐसा केंद्र
खुलेगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है
कि यह सेंटर रेल कर्मियों के लिए
होगा या छात्रों के लिए।
हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बजट
को नई सोच वाला तो भाजपा ने
निराशाजनक बताया है। रेलवे विस्तार
का प्रभार देख रहे प्रधान सचिव वित्त
डा. श्रीकांत बाल्दी ने
बताया कि चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन
की अनदेखी हैरानी भरी है। इससे
औद्योगिक विकास की राह रुकेगी।