Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Apr 12, 2013 - 00:00:41 AM


Title - भगवान, कभी ऐसा मंजर न दिखाए टॉयलेट में बंद हो गया था युवक
Posted by : puneetmafia on Apr 12, 2013 - 00:00:41 AM

भगवान, फिर कभी ऐसा मंजर नहीं दिखाए। घटना के समय रुह कांप गई थी। बड़ी दुर्घटना को पहली बार इतने करीब से देखा था, समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। आगे वाली बोगी पूरी तरह पलट चुकी थी, हमारी बोगी भी काफी टेढ़ी हो गई थी।अफरा-तफरी मच गई। सभी को अपनी जान बचाने की चिंता थी। जिंदगी बच गई भगवान का लाख-लाख शुक्रिया। मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस की एसी बोगी के बी-3 में सफर कर रही संजय सिनेमा रोड की रहने वाली मीनाक्षी सिन्हा ने जब इसकी जानकारी दी तो घटना के बाद बेचैन परिवार के सदस्यों ने कुछ राहत ली। घटना के संबंध में उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि गाड़ी के चेन्नई स्टेशन पार करने के बाद हर दिन की तरह सुबह में उन्होंने ‘महामृत्युंजय जाप’ शुरू कर दिया था। जैसे ही उनका जाप खत्म हुआ ट्रेन हिलने लगी व देखते ही देखते बोगी एक ओर झुक गई। उनके पति अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वे अपनी बेटी-दामाद से मिलने बंगलुरु जा रही थी।जिस समय दुर्घटना घटी उस समय कटिहार का एक युवक टॉयलेट में था। कई यात्री अपनी बारी के इंतजार में थे। जैसे ही ट्रेन हिली युवक टॉयलेट में ही गिर गया। वह वहीं से चिल्लाने लगा। मदद के लिए लोगों को पुकारने लगा। कुछ यात्रियों ने काफी जद्दोजहद के बाद दरवाजे को तोड़ कर उसे बाहर निकाला। एसी बोगी के बी-3 में सफर कर रहे सरैयागंज निवासी राजकुमार चाचान के पुत्र एम चाचान चेन्नई में उतर गए थे। वे वहां डा. एमजीआर कॉलेज में तृतीय वर्ष के छात्र थे। मोबाइल पर उन्होंने बताया कि तत्काल में टिकट लेने के कारण उन्हें नवीन कुमार व मीनाक्षी सिन्हा के साथ टिकट दिया गया। दुर्घटना की जानकारी जब उन्हें मिली तो वे बेचैन हो गए।
मोबाइल नंबर नहीं देने से परेशानी
मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्प्रेस टिकट लेने के समय कई लोगों ने आवेदन फार्म पर अपना मोबाइल नंबर नहीं दिया था। इसकी वजह से रेलवे को यात्रियों व उनके परिजनों से सम्पर्क करने में काफी परेशानी हुई।