Indian Railways News => Topic started by ConfirmTicket on Mar 04, 2013 - 12:00:28 PM


Title - गया-हावड़ा एक्स की इंजन बेपटरी
Posted by : ConfirmTicket on Mar 04, 2013 - 12:00:28 PM

भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड पर रविवार की सुबह पांच बजे हावड़ा से गया जा रही हावड़ा-गया एक्सप्रेस (3023अप ) का इंजन घोघा और लैलख के बीच पटरी से उतर गया. घटना घोघा-लैलख के रेल ब्रिज संख्या 140-141 के पाया चार-पांच के बीच हुई. घटना का कारण पटरी का टूटना बताया जाता है. ट्रेन उस समय सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी इस कारण इंजन लगभग सात सौ मीटर तक घिसटता चला गया. हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. घटना के कारण इस रेलखंड पर पांच घंटे तक ट्रेन परिचालन बाधित रहा. बाद में क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत कर ट्रेन परिचालन बहाल किया गया.13 मीटर पटरी बदली गयी : दुर्घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर, जमालपुर और साहिबगंज एआरटी की पूरी टीम घटना स्थल पर गयी. लगभग 13 मीटर क्षतिग्रस्त पटरी को बदला गया. भागलपुर के स्टेशन प्रबंधक ओंकार प्रसाद और एरिया मैनेजर एसके मूमरू दुर्घटना पर पूरी नजर रखे हुए थे. विशेष इंजन को लाकर सभी बोगी को घोघा स्टेशन ले जाया गया.8:38 बजे जमालपुर एआरटी की टीम ने प्रेसर हाइड्रोलिक मशीन से इंजन को पटरी पर लाया और उसे पायलट ट्रेन के साथ भागलपुर के लिए रवाना किया. वहीं नये इंजन के साथ गया हावड़ा ट्रेन को गया के लिए रवाना किया गया. इस बीच सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे डीआरएम ने घटना स्थल का मुआयना किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया. उन्होंने भागलपुर-कहलगांव रेलखंड पर पटरी मेंटनेंस का काम देख रहे सेक्सन पीडब्ल्यूआइ सुमन कुमार को कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

हादसे की बाबत चालक केके तिवारी ने बताया कि पटरी टूटी होने की जानकारी उनको ट्रेन के गुजरते ही हो गयी थी. उन्होंने तेजी से ब्रेक भी लगाया, लेकिन ट्रेन काफी तेज रफ्तार में थी इसलिए काफी देर बाद गाड़ी रुकी. इंजन के पटरी से उतरते ही झटका लगने के कारण ट्रेन में सो रहे कुछ यात्री अपनी सीट से नीचे गिर गये.

स्लीपर बोगी नंबर वन धुआं से भर गया था. पहले तो कुछ देर तक यात्रियों की समझ में नहीं आया कि क्या हुआ. कुछ यात्रियों को लगा कि बोगी में आग लगी है. घटना के बाद कई यात्री सड़क मार्ग से अपने घर की ओर रवाना हो गये. रेलवे की ओर से एंबुलेंस और यात्री के लिए पानी, चाय और बिस्कुट की व्यवस्था की गयी थी.