Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Feb 25, 2013 - 00:00:40 AM


Title - अमृतसर से फिरोजपुर तक नई रेल लाइन बिछाने की मांग
Posted by : eabhi200k on Feb 25, 2013 - 00:00:40 AM

अमृतसर। गुरु नगरी के लोगों को वर्ष 2013-14 के रेल बजट से भारी आशाएं हैं। हर बार लोगों की आशाओं पर केंद्र सरकार और केंद्रीय रेल विभाग पानी फेरता रहा है। पंजाब और खासकर अमृतसर के व्यापारियों को गत वर्ष आशा थी कि रेल गाड़ियों में एसएलआर डिब्बे लगाए जाएंगे, परंतु अभी तक नहंी लगाए गए। अमृतसर से कोलकाता के लिए भी गाड़ी की मांग उठाई गई थी, लेकिन पंजाब को गत वर्ष रेल बजट से ही बाहर रख दिया गया। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर एक नया प्लेट फार्म बनाने की भी योजना थी। जो अभी तक नहीं बन पाया। एक एक्सट्रा रेल लाईन अमृतसर से अटारी तक बनाए जाने की योजना भी अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 6 और 7 पर भी मुरम्मत का काम किया जाना था, वह काम अभी तक नहीं हुआ। यही वजह है कि कई रेल गाड़ियों को प्लेटफार्म की जगह आउटर पर भी रुकने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
अमृतसर के रेल यात्रियों की हमेशा ही डिमांड रही है कि आरसीआईटी की ओर से गोल बाग वाले रेल गेट के पास कम दाम वाली कैंटीन शुरू की जाए, लेकिन अभी तक इस कंटीन को खोला नहीं गया है। प्लेटफार्म नंबर एक पर जो कंटीन पहले ही चल रही है। वहां भी सफाई की व्यवस्था नहीं है। वहीं यह कंटीन बहुत छोटी है और अधिक मुसाफिर बैठक कर खान पान ही नहीं कर सकते है। अमृतसर रेलवे स्टेशन रिजर्वेशन काउंटरों पर और टिकट बुकिंग काउंटरों पर सीसीटीवी कैमरे ही स्थापित नहीं किए जा रहे है ताकि लोगों की हो रही लूट कहीं कैमरों में रिकार्ड न हो जाए। अलग अलग प्लेटफार्मों पर को कैमरे लगे भी है कई लंबे समय से बंद पड़े हुए है।
अमृतसर से अटारी तक दो डीएमयू शुरू करने की मांग उठ रही है। रेलवे स्टेशन पर स्थापित पीसीओ भी बंद पड़े हुए हैं। रेल विभाग की ओर से प्लेट फार्म टिकट के रेट बढ़ाने का भी काफी रोष है। रेलवे स्टेशन पर ग्रीन टायलेट बनाने की भी योजना थी जो अभी तक खटाई में पड़ी हुई है।
गुरु नगरी के व्यापारियों की मांग है कि एक अमृतसर से फिरोजपुर के बीच नई रेलवे लाईन शुरू की जाए। इस से अमृतसर से मुंबई तक करीब 250 किलोमीटर फासला कम हो जाएगा। हरिद्वार एक्सप्रेस के डिब्बों में वृद्धि की जाए। अमृतसर से लुधियान, डेराबाबा नानक, खेमकर्ण और अटारी को जाते डीएमयू के डिब्बों में वृद्धि की जाए। श्री दुर्ग्गयाणा मंदिर के नाम पर भी कोलकाता या मुंबई से एक सीधी ट्रेन अमृतसर तक चलाई जाए।