Indian Railways News => Topic started by ConfirmTicket on Aug 14, 2012 - 15:00:54 PM


Title - 7 घंटे दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग अवरुद्ध, ट्रैक पर आया नालों का पानी
Posted by : ConfirmTicket on Aug 14, 2012 - 15:00:54 PM

चौमहला/कोटा.कोटा रेल मंडल में झालावाड़ जिले के चौमहला रेलवे स्टेशन के पास सोमवार सुबह रेलवे ट्रैक पर पानी आने से (अप व डाइन लाइन) से गिट्टी-मिट्टी बह गई और दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग (डाउन लाइन पर 5 घंटे तथा अपलाइन 7 घंटे) अवरुद्ध हो गया।

इसके कारण 7 यात्रीगाड़ियां तथा 12 से ज्यादा मालगाड़ियां अटकी रही। बाद में रेलवे ट्रैक को दुरुस्त करके गाड़ियों का संचालन शुरू किया गया। रविवार रात को भी मोड़क व कमलपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच विद्युत निगम के टावर वायर रेलवे ओएचई पर टूटकर गिर गए, जिससे दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।

दोनों राजधानी एक्सप्रेस सहित 14 ट्रेनें लगभग तीन घंटे अटकी रही। उधर, सोमवार सुबह दस बजे रेलवे कंट्रोल रूम को चौमहला स्टेशन प्रबंधक ने सूचना दी कि बारिश के कारण ट्रैक पर रेल लेवल से लगभग 6 इंच ऊपर तक पानी भरा है। ऐसे में एहतियात के तौर पर आवागमन रोक दिया गया।

कोटा से साथ ही डीआरएम एन.मधुसूदन राव सीनियर डीईएन कोर्डिशिन एलपीसिंह तथा अन्य रेल अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने हालात देखकर जरूरी दिशा निर्देश दिए।

रेलवे ट्रैक को ठीक करने के लिए पहले सिंडर (कोल डस्ट) मिट्टी व गिट्टी डाली गई, हवा में झूलती रेल पटरी को एडजस्ट किया गया। इसके बाद पहले डाउन लाइन से तथा बाद में अपलाइन से रेल यातायात शुरू किया गया।

घंटों परेशान रहे यात्री

आवागमन रुकने से सैकड़ों लोगों को परेशानी हुई। किसी का इंटरव्यू छूट गया तो किसी की कनेक्टिंग ट्रेन। छोटे स्टेशनों पर खाने-पीने की चीजें नहीं होने से छोटे बच्चों को बिस्किट व दूध तक नहीं मिला। चौमहला में समाजसेवियों ने ट्रेन में बच्चों को फल व बिस्किट बांटे।

प्रदेश में भारी बारिश

>प्रदेश में सोमवार को भादों की घटाएं जमकर बरसीं। बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में 24 घंटे में सर्वाधिक 13 इंच, बांसवाड़ा शहर में 11.5 और चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में 5 घंटे में 10 इंच पानी बरसा।

>कोटा में पिछले चार दिन से हो रही बरसात से तापमान में २ डिग्री की कमी आई है। सोमवार को भी सुबह व दोपहर में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी धीमी बरसात होती रही। रात 11.30 बजे तक 6.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोटा बैराज के 3 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।