| Indian Railways News => | Topic started by irmafia on Jan 19, 2013 - 18:00:55 PM |
Title - रेलवे ने मांगा शिपिंग कंपनी से 1.5 करोड़ रुपए का मुआवजाPosted by : irmafia on Jan 19, 2013 - 18:00:55 PM |
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रेलवे ने मंगलवार को उस बजरे के मालिकों से 1.5 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा. जिसने एक दूसरे नौसिक जहाज को बाहर खींचते समय पम्बन के पास एक सदी पुराने रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया था. रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त करने के संबंध में बजरे की कोलकाता स्थित स्वामी कंपनी कारपोरेट शिपिंग कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ मंडपम तटीय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है. यह पुल पाक जलडमरूमध्य पर बना भारत का पहला केंटीलीवर रेल पुल है जो मुख्य भूमि को रामेरम द्वीप से जोड़ता है. दक्षिण रेलवे के मदुरै मंडल के मुख्य इंजीनियर, शिवरमण ने कहा कि मुआवजा मिलने के बाद ही जहाज को वहां से जाने की मंजूरी दी जाएगी. 13 जनवरी को जहाज रेल पुल से टकराया था. जहाज समुद्र जल में मुड़ गया था और ब्रिटिश काल में बने इस पुल से टकरा गया. इससे द्वीप के साथ रेल संपर्क बाधित हो गया.जहाज को हवाएं बहा ले गयी थीं और यह पंबन पुल के पास चला आया. शिवरमण ने कहा कि टक्कर की वजह से पुल का एक खंभा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चट्टानों के बीच फंसे जहाज को या तो आज या फिर कल तुतीकोरिन बंदरगाह से आने वाले जहाजों की मदद से बाहर खींचा जाएगा. इसी बीच रामेश्वरम स्थित नौसेना टुकड़ी के कमांडर पी सत्यनारायण ने कहा कि यह जहाजरानी कंपनी के प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वह अपने जहाज की वजह से हुए नुकसान की भारपाई करे. |