Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jun 12, 2013 - 18:30:28 PM


Title - चेन पुलिंग पर सख्त हुआ रेल प्रशासन
Posted by : nikhilndls on Jun 12, 2013 - 18:30:28 PM

Jhansi | अंतिम अपडेट 12 जून 2013 5:30 AM IST पर
झांसी। विषम परिस्थितियों में ट्रेन की जंजीर खींचकर गाड़ी रोकने की सुविधा का यात्री सदुपयोग कर रहे हैं या दुरुपयोग यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन इससे रेलवे को करोड़ों की चपत जरूर लग रही है। इसके चलते रेल प्रशासन चेन पुलिंग की घटनाओं पर सख्त हो गया है। आरपीएफ को निर्देश दिया गया है कि उचित कारण नहीं होने पर चेन पुलिंग करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम कसी जा सके।
बिजली से चलनी वाली ट्रेन को चेन पुलिंग कर रोकने और फिर उसके दुबारा उसी गति तक पहुंचने में सौ यूनिट बिजली व्यय हो जाती है। अगर गाड़ी में डीजल इंजन लगा हो तो कम से कम बीस लीटर डीजल खर्च हो जाता है। अगर ट्रेन की चेन पुलिंग का कारण तुरंत पता चल जाए तो भी गाड़ी कम से कम पांच से सात मिनट तक तो रुक ही जाती है। ऐसे में उस ट्रेन के पीछे चल रही सवारी या मालगाड़ी के संचालन पर भी असर पड़ता है और समय पालन में बाधा खड़ी हो जाती है।
रेल मंडल में वर्ष 2008 में 6368 बार, वर्ष 2009 में 7507 बार, वर्ष 2010 से 6412, वर्ष 2011 में 7402, वर्ष 2012 में 7155 व 2013 में अब तक 4015 बार चेन पुलिंग की घटनाएं हो चुकीं हैं। हालांकि, आरपीएफ घटनाएं रोकने के लिए प्रयास तो कर रही है, लेकिन जंजीर खींचने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

चेन पुलिंग करते चार पकड़े
आरपीएफ ने पिछले एक हफ्ते में चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकने के आरोप में चार यात्रियों को बंदी बनाया है। उन्हें रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां जुर्माना अदा करने पर छोड़ दिया गया। पिछले एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो झांसी आरपीएफ ने औसतन हर महीन पंद्रह लोगों को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ा है।