Indian Railways News => Topic started by irmafia on Jul 06, 2013 - 00:00:35 AM


Title - रेलवे वर्कशॉप होगी आधुनिक
Posted by : irmafia on Jul 06, 2013 - 00:00:35 AM

झाँसी : रेलवे वर्कशॉप के आधुनिकीकरण हेतु रेल मन्त्रालय ने 132 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी है।
बता दें कि 21 जनवरी को केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमन्त्री प्रदीप जैन आदित्य ने तत्कालीन रेलमन्त्री पवन बंसल से मुलाकात कर झाँसी रेलवे वर्कशॉप के आधुनिकीकरण, बीना-झाँसी रेलमार्ग पर तीसरी लाइन डालने, स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया के विकास, बीना-झाँसी-आगराके बीच लूप लाइनों के विस्तारीकरण हेतु फण्ड उपलब्ध कराने हेतु माँग पत्र सौंपा था। इस पर वर्तमान रेलमन्त्री मल्लिकार्जुन खरगे ने केन्द्रीय मन्त्री को लिखे पत्र में बताया कि झाँसी वर्कशॉप में टर्न की परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर पर्याप्त निधि उपलब्ध करा दी गई है।
इस योजना के लिये मिला पैसा
रेल मन्त्रालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी धनराशि 132 करोड़ 29 लाख से वर्कशॉप में मौजूदा न्यूमेटिक पाइल लाइन के स्थान पर आधुनिक न्यूमेटिक लाइन डालने एवं वर्कशॉप के लिये आधुनिक न्यूमेटिक सप्लाई सिस्टम की स्थापना हेतु 40 लाख रुपये, वर्कशॉप के आधुनिकरण हेतु 61 करोड़ 89 लाख रुपये व कोच मिडलाइफ रिहैबिलिटेशन वर्कशॉप की स्थापना हेतु 70 करोड़ स्वीकृत किये गये।
केन्द्रीय मन्त्री के प्रयासों के चलते इस माह में बुन्देलखण्ड की जनता के लिये रेलवे ने कई सौगात दिए हैं। जहाँ एक ओर वर्कशॉप हेतु धनराशि उपलब्ध करा दी गयी है वहीं दूसरी ओर ग्वालियर-इन्दौर इण्टरसिटी ट्रेन का विस्तार कर इस ट्रेन को अब झाँसी चलाए जाने को मंजूरी दे दी है। राहत की एक और बड़ी खबर कानपुर रेलमार्ग पर विद्युत इंजनों आवाजाही भी इसी माह में मिलने वाली है, जो अन्तिम चरण में है।
प्रयास जारी रहेंगे : प्रदीप जैन
केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमन्त्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि वे बुन्देलखण्ड के विकास के लिये प्रयासों में कभी कोई कमी नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के लिये अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
वर्कशॉप कर्मचारी भी होंगे लार्जेस स्कीम में शामिल
झाँसी : ऑल इण्डिया रेलवे मेन्स फेडरेशन की एक मीटिंग में अडिशनल मेम्बर रेलवे बोर्ड द्वारा आश्वस्त किया गया कि लार्जेस स्कीम में अब रेलवे वर्कशॉप के कर्मचारियों को भी शामिल किया जायेगा। साथ ही इस स्कीम में होने वाली लिखित परीक्षा समाप्त करवाये जाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। वरिष्ठ रेलपथ पर्यवेक्षक को अब जूनियर इंजीनियर/पीडब्ल्यूआइके पद के अनुरूप मान लिया गया है। उक्त जानकारी नॉर्थ सेण्ट्रल रेलवे मेन्स यूनियन के मण्डल सचिव आरएन यादव ने दी।
फाइल : हिमांशु वर्मा
समय : 9.00
4 जुलाई 2013