Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Oct 12, 2012 - 21:00:38 PM


Title - यहां तो गाडि़यां भी काटती हैं समय
Posted by : railenquiry on Oct 12, 2012 - 21:00:38 PM

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यहां तो गाडि़यां भी काटती हैं समय
प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर केस 1- 9 सितंबर 2012, 19270 अप पोरबंदर एक्सप्रेस छावनी स्टेशन पर 35 मिनट खड़ी रही। 21 सितंबर को 15269 अप जनसाधारण एक्सप्रेस तथा 28 सितंबर को 14673 अप शहीद एक्सप्रेस छावनी स्टेशन पर 15 मिनट पहले ही पहुंच चुकी थीं। 15203 अप बरौनी - लखनऊ तो रोज निर्धारित समय से पहले गोरखपुर पहुंच जाती है। कुछ सवारी गाडि़यां भी छावनी स्टेशन पर समय से पहले पहुंच कर अपना वक्त गुजारती हैं। केस 2- 15004 डाउन चौरीचौरा एक्सप्रेस प्रतिदिन वाराणसी सीटी स्टेशन पर आधे घंटे पहले पहुंच जाती है। वहीं दिल्ली जाने वाली वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति और सत्याग्रह आदि ट्रेनें प्रत्येक दिन छावनी स्टेशन पर समय से पहुंचकर अपना समय काटती हैं। वापसी में भी सहजनवां और डोमिनगढ़ आदि स्टेशनों पर उन्हें रुकना पड़ता है। पूर्वोत्तर रेलवे रूट पर चलने वाली लगभग सभी गाडि़यों की स्थिति कमोबेश यही है। आलम यह कि ट्रेनें समय से पहले ही प्रमुख स्टेशनों पर पहुंच जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें पास वाले स्टेशनों अथवा आउटर सिग्नल पर समय बिताना पड़ता है। रेलवे प्रशासन को निर्धारित समय में ट्रेनों के संचलन के लिए गाडि़यों को नियंत्रित करके चलाना पड़ रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन सालों में ही लगभग 15 फीसद समय पालन बेहतर हुआ है। बावजूद इसके, यात्रियों को कोई विशेष फायदा नहीं हो रहा, वे परेशान हैं। यात्री जिस तय समय सीमा में 5 साल पहले अपने गंतव्य तक पहुंचते थे, आज भी उसी समय सीमा में पहुंच रहे हैं। उन्हें इस रूट के दोहरीकरण का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा। ट्रेनें आज भी पहले निर्धारित की गई समय सारिणी के हिसाब से ही चल रही हैं।