Indian Railways News => Topic started by irmafia on Jul 07, 2013 - 18:01:48 PM


Title - तत्काल रेल टिकटों की कालाबाज़ारी जारी, हवाईजहाज से भेजी जा रहीं लखनऊ
Posted by : irmafia on Jul 07, 2013 - 18:01:48 PM

पलपल इंडिया ब्यूरो, मुंबई. रेल प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद तत्काल टिकटों की काला बाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी भी महानगर के आरक्षण कार्यालयों से तत्काल टिकट निकाल कर गोरखपुर, लखनऊ, बस्ती और गोंडा भेजे जा रहें. तत्काल टिकटों की दलाली का यह नेटवर्क लखनऊ से संचालित किया जा रहा है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार महानगर से आरक्षण कार्यालयों से तत्काल टिकट निकाल कर हवाई जहाज के जरिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं, जहां से टिकटों का डिस्ट्रीब्यूशन हो रहा है. जिसके लिए 4 से 5 गुणा कीमत वसूली जा रही है.

पुष्पक, कुशीनगर, अवध एक्सप्रेस पर जोर

पुष्पक, कुशीनगर, अवध एक्सप्रेस के साथ गोरखपुर- एलटीटी एक्स्प्रेस को टिकटों पर दलालों का विशेष जोर है. क्योंकि इन गाडिय़ों को टिकटों की आपूर्ति के लिए दलालों को कम से कम 18 से 20 घंटे का समय मिल जाता है.

सीएसटी, कल्याण, चर्चगेट बना अड्डा

मध्य रेलवे में सीएएसटी, डोम्बिवली, कल्याण, अंबरनाथ पश्चिम रेलवे में चर्चगेट, मुम्बई सेंट्रल, वसई और विरार दलालों का प्रमुख अड्डा बनकर उभारा है. जहां बुकिंग सुपरवाइजर और आरपीएफ से आशीर्वाद से दलालों के पहला नंबर आराम से मिल जाता है. इसके अलावा कुछ पोस्ट आफिसों (जहां पीआरएस है) में भी दलालों के आदमी सक्रिय है.

फर्जी ई-टिकट का भी इस्तेमाल

इतना ही नहीं, बल्कि इन दलालों द्वारा महानगर के पीआरएस से निकाले गए तत्काल टिकटों को कंम्प्यूटर के जरिए ई टिकटों के फार्मेट में बदलने के कुछ मामले भी सामने आए है. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा के अगर किसी कारणवश मुम्बई से भेजे गए टिकट समय पर लखनऊ (जहां से डिस्ट्रीब्यूशन होता है) नहीं पहुंच पाते तो उसी पीएनआर पर कंप्यूटर के सहारे ई टिकट जनरेट कर लिए जाते हैं. 15 जून को लखनऊ मंडल द्वारा इस तरह का एक मामला पकड़ा भी जा चुका है, जिसमें  मुम्बई पीआरएस से जारी किए गए तत्काल टिकट को ई फार्मेट में बदलकर तीन लोग गोरखपुर-एलटीटी स्पेशल गाड़ी से यात्रा कर रहे थे. इसके अलावा लखनऊ में ही गोरखपुर-एलटीटी-एक्सप्रेस के एएस-1 कोच में 36 यात्रियों के तत्काल टिकटों के साथ श्रवण कुमार गौड़ तथा  कुशीनगर से एस-9 में भी 36 यात्रियों के तत्काल टिकटों के साथ विकास तिवारी नामक दलाल को भी रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है.

क्या कहता है रेल प्रशासन

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तत्काल टिकटों का कालाबाजारी रोकने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. बुकिंग समय सीमा को 5 दिन के कम कर 24 घंटे कर दिया गया है. तत्काल टिकटो की बुकिंग से समय को भी बदलकर 8 बजे बदल कर  10 बजे से  कर दिया गया है. दोपहर 12 बजे तक अधिकृत ई एजेंटों द्वारा की जाने वाली तत्काल टिकटों की बुकिंग रोक लगा दी गई है. साथ ही संबंधित यात्री के  आई कार्ड के साथ टिकट निकालने आने वालों के आई कार्ड का भी निरीक्षण किया जा रहा है.