Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Oct 29, 2012 - 19:30:27 PM


Title - टेनों में उमड़ा यात्रियों का रेला
Posted by : railenquiry on Oct 29, 2012 - 19:30:27 PM

इलाहाबाद : दशहरा और बकरीद की छुट्टियों के बाद रविवार को टेनों में भारी भीड़ उमड़ी। दिल्ली सहित अन्य दिशाओं की टेनें ठसाठस भरकर रवाना हुईं। दिल्ली की ओर जाने वाली टेनों में भीड़ कुछ ज्यादा ही रही। प्रयागराज सहित दिल्ली जाने वाली तमाम टेनों में प्रतीक्षा सूची काफी लंबी रही। जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं थी। ऐसे में यात्रियों की काफी फजीहत हुई। बुधवार 24 अक्टूबर को विजयदशमी थी। शनिवार 27 अक्टूबर को कुर्बानी का पर्व ईद उल अजहा था। परिवार के संग पर्व मनाने के लिए दूसरे शहरों में नौकरी अथवा व्यवसाय करने के लिए गए शहर के तमाम निवासी अपने घर आए थे। सोमवार को कार्यालय खुले हैं ऐसे में लोगों की वापसी के चलते रविवार को अचानक टेनों में भीड़ बढ़ गई। दिल्ली की ओर जाने वाली टेनों में भीड़ कुछ ज्यादा ही थी। कई टेनों में प्रतीक्षा सूची पांच सौ के पार हो गई थी। दिल्ली जाने वाले यात्रियों का आलम यह था कि इलाहाबाद से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस और रीवांचल की स्लीपर श्रेणी बोगी में नो रूम की स्थिति थी जबकि एसी की बोगियों में भी लंबी वेटिंग थी। दिल्ली जाने वाली टेनों शिवगंगा, पुरुषोत्तम, लिच्छवी, कालका, महाबोधि, महानंदा, लालकिला और जनता आदि में प्रतीक्षा की सूची काफी लंबी थी। जनरल बोगियों में मारामारी की स्थिति थी। शौचालय समेत बोगी की खिड़कियों और दरवाजों पर यात्री बैठे और लटके थे। बैठने और लटकने तक लिए भी धक्कामुक्की मची रही। मुंबई जाने वाली टेनों में भी हालत खराब थी। अधिकांश टेनों में स्लीपर की वेटिंग ढाई सौ के पार थी। परीक्षार्थियों ने बढ़ाई मुश्किल : रविवार को शहर में स्टॉफ सेलेक्शन कमीशन (एसएससी) की ग्रेजुएट लेवल कंबाइंड परीक्षा थी जिसमें शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थी बाहर से आए थे। परीक्षा देने के बाद वे टेनों और बसों से घरों को लौटे जिसके चलते टेनों में यात्रियों की मुश्किल ज्यादा बढ़ गई। जनरल और एसी बोगियों में बिना कोई भेदभाव किए जहां पर भी जगह दिखी अभ्यर्थी घुस गए। चौरीचौरा, नौचंदी और संगम एक्सप्रेस में भीड़ ज्यादा थी। आरक्षित बोगियों में बैठे यात्रियों और परीक्षार्थियों में धक्का-मुक्की भी हुई। कई बार नौबत मारपीट तक आई, लेकिन अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप करके मामला संभाला लिया। हो-हल्ला और धक्कामुक्की के बीच टेनें रवाना हुईं।