Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Oct 30, 2012 - 13:30:31 PM


Title - खुलासा: रेलवे में हुआ छह हजार लीटर डीजल का घोटाला
Posted by : AllIsWell on Oct 30, 2012 - 13:30:31 PM

जालंधर। रेलवे के डीएमयू शेड में छह हजार लीटर डीजल के घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर बृजमोहन शर्मा और टेक्नीशियन करनवीर ने डीजल का हेरफेर किया है। विजिलेंस की टीम ने छापेमारी और रिकार्ड की जांच के बाद चार्ज फ्रेम कर दिया। अब जांच की जिम्मेदारी विजिलेंस के ही सैल को सौंपी गई है। डीएमयू शेड के अधिकारी ने दोनों कर्मचारियों को करीब एक माह पहले नोटिस जारी किया था। इस पर दोनों को २१क् दिन के भीतर जवाब देना है।

रिटायर्ड ड्राइवर ने खोला राजत्न रिटायर्ड एबुलेंस ड्राइवर हरवंश लाल ने डीएमयू शेड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) बृजमोहन शर्मा के खिलाफ विजिलेंस में डीजल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। विजिलेंस ने अक्टूबर 2011 में डीएमयू शेड में छापेमारी की। डीजल की खरीद और लॉग बुक जब्त की। छानबीन में पता चला कि लॉग बुक में दर्ज डीजल की खपत और इश्यू हुए डीजल के रिकार्ड में अंतर हैं। इसके बाद बृजमोहन और टेक्नीशियन करनवीर पर चार्ज फ्रेम हुआ।

पहले करीबी दोस्त थे हरवंश लाल और बृजमोहनत्न बताया जा रहा है कि हरवंश लाल और बृजमोहन शर्मा पहले बहुत अच्छे दोस्त होते थे। बृजमोहन शर्मा ने हरवंश लाल के बेटे की शादी तय कराई। इस दौरान किसी बात को लेकर दोनों के संबंध खराब हो गए। इसके बाद हरवंश लाल ने बृजमोहन शर्मा की गड़बड़ियों का खुलासा किया।

यह होता है एसएफ-5

रेलवे में अधिकारी अपने जूनियर को दो तरह से दंड देते हैं। इसके तहत वह एसएफ-11 और एसएफ-5 जारी करते हैं। एसएफ (स्टैंडर्ड फार्म)-11 उस समय जारी किया जाता है जब कोई माइनर पेनल्टी लगानी होती है। जबकि एसएफ-5 को मेजर पेनल्टी लगाने के दौरान जारी किया जाता हैं।

"विजिलेंस ने अपनी जांच में एसएसई बृजमोहन शर्मा और टेक्नीशियन करनवीर पर छह हजार लीटर डीजल इधर-उधर करने का आरोप लगाया हैं। इसमें पांच हजार लीटर डीजल के हेरफेर का आरोप बृजमोहन पर और एक हजार लीटर डीजल के हेरफेर का आरोप टेक्नीशियन करनवीर पर लगा हैं। दोनों को एसएफ-5 जारी किया गया हैं। मामले की जांच चल रही हैं। फिलहाल दोनों कर्मचारी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।"
-रंजीत सिंह सैनी, डीएमयू शेड के इंचार्ज व सीनियर डीएमई

"अभी तो विजिलेंस ने केवल चार्ज फ्रेम किया हैं। मामला विजिलेंस के इन्क्वायरी सैल में चल रहा हैं। जब तक आरोप सिद्ध नहीं हो जाते है, तब तक मैं दोषी नहीं हूं। मैं भी सैल में अपना पक्ष रखूंगा।"
-बृजमोहन शर्मा, आरोपी एसएसई डीएमयू शेड