Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Oct 07, 2012 - 20:00:09 PM


Title - सेक्टर-34-35 में मेट्रो स्टेशन के बनेंगे चार प्रवेश द्वार
Posted by : puneetmafia on Oct 07, 2012 - 20:00:09 PM

चंडीगढ़। सेक्टर-34-35 के बीच बनने वाले सब सिटी सेंटर में मेट्रो स्टेशन के लिए चार प्रवेश द्वार होंगे। दोनों सेक्टरों में ये मुख्य सड़क के दोनों ओर आमने-सामने होंगे। सेक्टर-35 सी में टैक्सी स्टेंड के पास स्लिप रोड के पेरलल कर्व शेप में स्टेशन का एक एंट्री प्वाइंट होगा और इसके ठीक सामने दूसरा सेक्टर-34 डी में आल इंडिया रेडियो स्टेशन के साथ लगती सरकारी जमीन पर होगा। इसी में करीब 200 मीटर आगे तीसरा गेट होगा, जिसकी सीढ़ियां सेक्टर 34 डी के दो मकानों 1840 और 41 के बरामदों से गुजरेंगी। इसके ठीक सामने सड़क की दूसरी ओर सेक्टर 35 सी में शाही जायका के सामने पार्किंग वाली जगह में चौथा प्रवेश द्वार बनना प्रस्तावित है।

वेंटिलेशन प्वाइंट भी बनेंगे मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वारों के अलावा करीब 200 मीटर के इस दायरे में दोनों ओर पांच-पांच वेंटिलेशन प्वाइंट भी बनाए जाने प्रस्तावित हैं। प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर आशंकाओं के चलते सेक्टर-34 डी के लोग खुद नक्शा निकलवाकर अपने घरों की स्थिति पता कर रहे हैं। इस प्रस्तावित नक्शे के अनुसार जो वेंटिलेटर बनने हैं उनसे 1834 से 1845 नंबर तक के मकान प्रभावित होंगे। ये उनके पिछले बरामदों के पास होंगे। कोठी नंबर 1834 एनएस मली का कहना है कि वेंटिलेटर बनने से सबसे बड़ी समस्या तो ध्वनि प्रदूषण की पैदा हो जाएगी।

पब्लिक की बात (फोटो सहित) मेरा बेटा खुद वास्तुकार विभाग से नक्शा लेकर आया। इससे पता चला कि हमारी कोठी के बरामदे पर प्रवेश द्वार बनेगा। इससे कई तरह की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। अभी भी समय है लोगों को परेशानियों से बचाने के लिए प्लान को सेक्टर-34 में खाली पड़ी जगह पर शिफ्ट किया जा सकता है। -नित्यानंद शर्मा, पूर्व आईएफएस अधिकारी, कोठी नंबर- 1841, 34-डी

-- मेट्रो प्रोजेक्ट की लाइन को यहां से शिफ्ट करके सेक्टर-34 के लेबर चौक से सेक्टर-33 होते हुए मोहाली लेकर जाना चाहिए। स्टेशन वहां पर बनाना चाहिए, जहां पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह हो। यहां पर तो अभी लोग परेशान हैं, प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद क्या हाल हो जाएगा, अंदाजा लगाया जा सकता है। -रिटायर कर्नल महेंद्र सिंह, कोठी नंबर-1839

-- मौजूदा समय में ही सड़क पर इतना ट्रैफिक रहता है कि रात में भी लोग इसके शोर से सो नहीं पाते। स्टेशन बनाने के लिए इस इलाके का चयन ही गलत है। प्रशासन को कम से कम एक बार स्थानीय लोगों की राय लेनी चाहिए थी। -रिटायर कर्नल एनएस पंधेर, कोठी नंबर- 1843

-- इस इलाके में रहना ही मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन को कम से कम एक बार हमारी राय जरूर लेनी चाहिए। -डा. बीएस ग्रेवाल, कोठी नंबर- 1837