Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Dec 26, 2012 - 20:00:09 PM


Title - वर्ष 2012 में नकदी संकट से जूझती रही रेलवे
Posted by : riteshexpert on Dec 26, 2012 - 20:00:09 PM

वर्ष 2012 रेलवे के लिए उथल.पुथल भरा रहा और इस दौरान नकदी संकट से जूझ रहे रेल मंत्रलय ने एक के बाद एक चार मंत्रियों के चेहरे देखे. मंत्री बदलने से नीति निर्माण की प्रक्रिया सुस्त पडी.
तृणमूल कांग्रेस द्वारा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद करीब डेढ दशक बाद रेल मंत्रलय कांग्रेस के खाते में आया. लेकिन यात्री किराया बढाना नए रेल मंत्री के लिए टेढी खीर प्रतीत होता है.
चालू वर्ष में रेलवे में परिचालन लागत और यात्री किराया आय के बीच अंतर बढता जा रहा है, जबकि माल ढुलाई भाडे से आय लक्ष्य से कम है. रेलवे को अक्तूबर तक 67,879.95 करोड रुपये की कमाई हुई, जबकि लक्ष्य 70,147.74 करोड रुपये का था.इस समय, रेलवे की 347 परियोजनाएं चल रही हैं जिनके तहत नई रेल लाइनें बिछाई जा रही हैं, छोटी लाइन को बडी लाइन में तब्दील किया जा रहा है और सिंगल लाइन को डबल लाइन किया जा रहा है जिस पर करीब 1.47 लाख करोड रुपये का खर्च आएगा.धन की कमी के चलते रेलवे को ज्यादातर परियोजनाओं के लिए धन आबंटन में कटौती करने को बाध्य होना पडा है. इस साल आखिरकार रायबरेली कोच फैक्टरी को चालू कर दिया गया. इसके अलावा, रेलवे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्वाचन क्षेत्र में एक व्हील फैक्टरी लगाने की भी घोषणा की.
साल की शुरुआत में तत्कालीन रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने रेल बजट में यात्री किराया करीब 15 प्रतिशत बढाने का प्रस्ताव किया. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाराज होने के बाद इसे वापस ले लिया गया.
यात्री किराया बढाने का प्रस्ताव करना त्रिवेदी के लिए महंगा साबित हुआ और उन्हें रेल मंत्री का पद छोडना पडा जिसके बाद ममता के विश्वासपात्र मुकुल राय को रेल मंत्री बनाया गया जो करीब सात महीने तक मंत्री रहे और ज्यादातर कामकाज कोलकाता से रहते हुए संभाल रहे थे.
सितंबर में तृणमूल कांग्रेस द्वारा संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद कांग्रेस के सीपी जोशी को रेल मंत्रलय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया और उन्होंने करीब एक महीने की अल्प अवधि में रेल किराया प्राधिकरण गठित करने के प्रस्ताव किया.
मंत्रिमंडल में फेरबदल किए जाने पर पवन कुमार बंसल एक साल में चौथे रेल मंत्री बने और उन्होंने रेलवे की वित्तीय जरुरतों को पूरा करने के लिए यात्री किराए बढाने के संकेत दिए.
निष्पादन समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रेलवे को रेल किराया प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा. इस दौरान 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौडने वाली बुलेट ट्रेन के लिए संभाव्य सर्वेक्षण कराने के वास्ते सात रुटों की पहचान की गई.
जहां तक रेल दुर्घटना का संबंध में इस साल रेल की पटरियों और मानवरहित रेलवे क्रासिंगों पर 15,934 लोग मारे गए. दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने ट्रेन कोलिजन एवायडेंस सिस्टम पेश करने का निर्णय किया है.
टिकटों के व्यवसाय में दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी में यात्र करने वाले यात्रियों के लिए आईडी प्रूफ अनिवार्य कर दिया है. इससे पहले, एसी श्रेणी के यात्रियों के लिए यह अनिवार्य था.