| Indian Railways News => | Topic started by railgenie on Dec 16, 2012 - 15:00:04 PM |
Title - लापरवाही का शिकार है साहिबाबाद रेलवे स्टेशनPosted by : railgenie on Dec 16, 2012 - 15:00:04 PM |
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साहिबाबाद रेलवे स्टेशन दिल्ली के नजदीक होने के कारण काफी व्यस्त रहता है। यहां 98 पैंसेजर ट्रेन और 16 एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज़ हैं। जिनसे लगभग 50 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यही रेलवे स्टेशन अनियमिताओं का शिकार है। पूरे परिसर में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात है।बंदरों के आतंक से भी यह स्टेशन अछूता नहीं है। टिकट खिड़की परिसर में लगी हुई दोनों एटीवीएम मशीनें महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इस परिसर में तीन टिकट खिड़की हैं और एक पूछताछ कार्यालय है। जिसमें से अक्सर दो बंद ही रहती हैं। जिसके चलते यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के बारे में जब स्टेशन मास्टर नरेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना दामन बचाने की कोशिश की। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मास्टर नरेश मलिक ने बताया कि कर्मचारियों की कमी हैं। मैं उनसे कहां तक काम करवाउं। पेयजल की बाधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग विभाग का काम है। इसके बारे में आप इस विभाग से बात करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विभाग आपके आदेश के अधीन नहीं हैं तो उन्होंने चुप्पी साध ली। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवान क्यों नहीं हैं- के बारे में कहा कि स्टाफ की कमी है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यातायात से संबधित सूचनाओं की उदघोषणाओं की अनियमिता पर भी उन्होंने अपना बचाव कर लिया। फिर हमने पूछा कि स्टेशन के एग्जिट गेट पर टीटी बाहर जाने वाले यात्रियों की टिकट चेक करने के लिए नहीं होते हैं। तो उन्होंने कहा कि हमारे पास सिर्फ दो ही टीटी हैं। जब हमने पूछा कि एटीवीएम मशीनें खराब हैं?- इस पर स्टेशन मास्टर ने कहा कि आप डिवीजन से बात करें। रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म पर गंदगी के बारे में नरेश मलिक ने कहा कि हमारे पास सिर्फ तीन ही आदमी हैं। आरपीएफ कार्यालय का हालइसके बाद हम पहुंचे आरपीएफ कार्यालय लेकिन वहां पर लॉक लगा हुआ था। फिर भी हमें वहां पर हेड कांस्टेबल बराबर के कमरे में कुछ काम करते हुए मिल गए। जब हमने पूछा कि 15 लोगों के स्टाफ में सिर्फ तीन ही कर्मचारी तैनात क्यों हैं। तो उन्होंने भी नरेश मलिक की तरह ही सपाट जवाब दिया कि स्टाफ की कमी है। |