Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Oct 02, 2013 - 17:59:50 PM


Title - रेलवे की रामलीला में अफसरों की नौटंकी
Posted by : puneetmafia on Oct 02, 2013 - 17:59:50 PM

आगरा: रेलवे की ऐतिहासिक रामलीला में पिछले 44 साल में जो नहीं हुआ, वह सचिव पद को लेकर हो रही खींचतान के चलते अब हो रहा है। रेलवे अफसरों की नौटंकी से रामलीला खतरे में पड़ गई है। मेघनाद, रावण के पुतले के निर्माण का कार्य ठप हो गया है। कर्मचारी एक- दूसरे पर शब्दभेदी बाण छोड़ रहे हैं।
कैंट स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट में रेलवे अफसरों व क्षेत्रीय लोगों की मदद से वर्ष 1969 में रामलीला शुरू हुई थी। इसके मंचन में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए 14 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। तब से हर साल कमेटी रामलीला को बेहतर तरीके से कराने का प्रयास कर रही है। इसमें क्षेत्रीय लोग विभिन्न पात्रों का किरदार अदा करते हैं। इसके लिए एक माह पहले ही रिहर्सल शुरू कर दी जाती है। इस साल भी लोगों ने रेलवे इंस्टीट्यूट में रिहर्सल शुरू कर दी है, लेकिन कमेटी में सचिव पद को लेकर विवाद हो गया। सितंबर के दूसरे सप्ताह में कमेटी के 14 में से 11 सदस्यों ने सचिव निजाम को पद से हटा बलजीत सिंह को सचिव बना दिया। इसका सचिव निजाम ने विरोध किया और फिर पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई। इसमें रेलवे अफसरों ने अहम रोल अदा किया। इसका असर रामलीला की तैयारियों पर पड़ा। भुगतान न होने पर मेघनाद, रावण के पुतलों का निर्माण ठप पड़ गया। कई कलाकारों ने मंचन से इन्कार कर दिया। रेलवे इंस्टीट्यूट में तीन को भूमि पूजन होने जा रहा है, लेकिन अभी कोई भी तैयारी नहीं की गई है।
चार साल से नहीं हुए चुनाव
नियमानुसार रेलवे इंस्टीट्यूट की कमेटी के चुनाव दो साल के भीतर होने चाहिए, लेकिन 2009 से अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं।
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- सचिव पद को लेकर विवाद से रामलीला का मंचन खतरे में पड़ गया है। विवाद को सुलझाने के लिए बैठक बुलाई जा रही है।
आरके चतुर्वेदी, कमेटी अध्यक्ष व सीनियर डिवीजनल मैटेरियल मैनेजर