| Indian Railways News => | Topic started by railgenie on Nov 22, 2012 - 00:00:27 AM |
Title - रेलमंत्री के शहर में ‘लापरवाही’ का हादसाPosted by : railgenie on Nov 22, 2012 - 00:00:27 AM |
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चंडीगढ़। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के शहर में मंगलवार शाम को महकमे की लापरवाही का ऐसा वाक्या सामने आया, जिसमें नंगल-अंबाला पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों की जान पर बन आई। शुक्र है कि मोहाली के ट्रैक पर चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो में बने पुल के पास खड़ी ट्रेन में सामने से आए इलेक्ट्रिक इंजन की जोरदार टक्कर के बावजूद डिब्बे नहीं पलटे जिससे जानी नुकसान होने से बच गया। लेकिन, इस हादसे से दो अन्य ट्रेनों के सैकड़ों यात्रियों को चार घंटे तक परेशान होना पड़ा। पैसेंजर ट्रेन के इंजन में सामने से दूसरे इंजन की टक्कर में दो लोग घायल हुए जिन्हें जीएमसीएच अस्पताल में भरती कराया गया।अंबाला मंडल के डीआरएम पीके सांघी ने बताया कि खड़ी ट्रेन में टक्कर मारने के आरोपी खाली इंजन के ड्राइवर को तत्काल निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। चंडीगढ़-मोहाली रेलवे ट्रैक पर हुए इस हादसे की वजह से शाम करीब पौने छह बजे अमृतसर जाने वाली चंडीगढ़-अमृतसर इंटरसिटी रात 10.15 बजे के बाद रवाना हुई और नई दिल्ली से ऊना जा रही जन शताब्दी एक्सप्रेस चार घंटे तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। यह ट्रेन रात 10.10 पर चंडीगढ़ से रवाना हुई। इससे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शाम से ही अफरातफरी मची रही। रात 10.05 बजे यह ट्रैक क्लीयर हुआ और इसके बाद ही दोनों ट्रेनों को चंडीगढ़ से रवाना किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नंगल से अंबाला जा रही पैसेंजर ट्रेन का इंजन मंगलवार शाम लगभग 5.35 बजे चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-दो में बने रेलवे पुल के पास खराब हो गया। कुछ देर बाद अंबाला से मौके पर दूसरा इंजन भेजा गया। यह इंजन बहुत तेज स्पीड से उसी ट्रैक पर दौड़ा दिया गया जिस पर खराब इंजन वाली ट्रेन खड़ी थी। इस इंजन की अंबाला-नंगल पैसेंजर ट्रेन के इंजन से इंतनी तेज टक्कर हुई कि ट्रेन के डिब्बों में बैठे यात्रियों को जोर से झटका लगा। कई यात्री गिर गए और कईयों को चोटें आईं। टक्कर लगने से ट्रेन में बैठे यात्रियों में दहशत मच गई। अंधेरा होने के बावजूद कई लोग पटरी की दोनों तरफ उगी घास में ही उतर कर भागने लगे। ट्रेन में ऊपर की बर्थ पर सो रहे गोरखनाथ और शाम कुमार नीचे गिर गए। इससे शाम कुमार के दांत टूट गए और गोरखनाथ के सिर पर चोट लगी। मेन सड़क से करीब 30 फुट ऊपर ट्र्रैक पर अटकी ट्रेन से नीचे तक आने के लिए बुजुर्गों और महिलाओं को अपना सामान सिर पर रखकर लाना पड़ा। रेल अफसराें को दुघर्टना की जानकारी मिलने के बावजूद परेशान लोगों की मदद के लिए समय पर इंतजाम नहीं किए जा सके। हालांकि हादसे के करीब एक घंटे बाद कांग्रेस के नेता एचएस लक्की और शशि शंकर तिवारी और देवेंद्र सिंह बबला समेत कई लोग पहुंच गए और उन्होंने घायलों को अस्पताल भेजा। मौके पर चंडीगढ़ डीसी मो. शाईन और एसडीएम साउथ समेत कई अफसर और फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई। |