| महाप्रबंधक की गाड़ी के आगे लेटे लोग by Jitendar on 22 December, 2012 - 03:00 AM | ||
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Jitendar | महाप्रबंधक की गाड़ी के आगे लेटे लोग on 22 December, 2012 - 03:00 AM | |
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विजय कुमार गुप्ता ने प्रयाग-सुल्तानपुर रेलखंड का बुधवार को निरीक्षण किया। वे इस रूट से दिल्ली जाने वाले कम से कम तीन दशकों में पहले महाप्रबंधक हैं। उत्तर रेलवे के सबसे बदहाल और उपेक्षित रूट पर जोन के मुखिया के आने की जानकारी होने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने महाप्रबंधक की विशेष गाड़ी को जगह जगह रोककर उन तक अपनी बात पहुंचाई। देल्हूपुर, मऊआइमा आदि स्टेशनों पर इसके चलते खासा हंगामा मचा रहा। नागरिक जगह-जगह पटरियों पर लेट गए। भारी हंगामे को देखते हुए आरपीएफ को कई स्थानों पर मोर्चा संभालना पड़ा। आक्रोश को देखते हुए जीएम ने कई स्थानों पर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की, स्थानीय नागरिकों ने रेल रूट की व्यवस्था को दुरुस्त करने, ट्रेनों की संख्या व रफ्तार बढ़ाने की मांग की। रेलमंत्री पवन बंसल की आगवानी में इलाहाबाद आए उत्तर रेलवे के जीएम विजय कुमार बुधवार को स्पेशल ट्रेन से दिल्ली लौट रहे थे। आमतौर पर रेल अफसर ऊंचाहार-रायबरेली के रास्ते होकर दिल्ली जाते हैं लेकिन उन्होंने सुल्तानपुर रेल खंड को चुना। इलाहाबाद-सुल्तानपुर मार्ग से लखनऊ होकर दिल्ली तक जाने की बात सुनते ही अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पौने आठ बजे सुबह महाप्रबंधक की स्पेशल ट्रेन प्रयाग स्टेशन से रवाना हुई। उनके साथ डीआरएम लखनऊ व अन्य आला अधिकारी भी मौजूद थे। लंबे अरसे से उपेक्षित सुल्तानपुर रेल मार्ग पर वर्षो बाद किसी महाप्रबंधक के निरीक्षण की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक निकल पड़े। जीएम की गाड़ी को सेवइत, विश्वनाथगंज, भुपियामऊ आदि में रोकने का प्रयास किया गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने जीएम की स्पेशल ट्रेन को दयालपुर स्टेशन पर सुबह 9 बजे रोक दी। महाप्रबंधक की सुरक्षा में चल रहे आरपीएफ के जवानों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया परन्तु ग्रामीण नहीं माने, बाद में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल को महाप्रबंधक से मिलवाया गया। इसमें ग्राम प्रधान पति जंग बहादुर, मो. रफीक, रमेश मिश्रा, मिठाई लाल यादव आदि शामिल रहे। इस ट्रेन को बाद में मऊआइमा में रोका गया। इसके चलते आरपीएफ की लोगों से नोक-झोंक भी हुई। बाद में महाप्रबंधक से मुलाकात कर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। प्रतापगढ़ में भी यही हालात रहे। यहां विशेष गाड़ी को बिना रुके निकालने के लिए थ्रू (ग्रीन) सिगनल दिया गया था। यह देख नागरिक रेल की पटरी बैठ गए। काफी समझाने के बाद भी वह नहीं माने तो अंतत: ट्रेन रोक दी गई। इसके बाद महाप्रबंधक ने नागरिकों से बात की और स्टेशन का निरीक्षण भी किया। खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की क्लास ली। महाप्रबंधक के तेवर देख अफसरों के माथे पर पसीना आ गया। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं पर फौरन गौर करने का निर्देश दिया। स्पेशल ट्रेन चिलबिला पर भी रुकी। | ||