Indian Railways News => Topic started by greatindian on Sep 24, 2012 - 18:00:12 PM


Title - पाकिस्तान की प्रताड़ना के शिकार दो और जत्थे पहुंचे भारत!
Posted by : greatindian on Sep 24, 2012 - 18:00:12 PM

पाकिस्तान में प्रताड़ित 45 और लोग रविवार सुबह थार लिंक एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंचे हैं। रेबारी और भील समाज के ये लोग यहीं बसना चाहते हैं। रेबारी समाज का जत्था नागौर चला गया और भील समाज का जत्था कुछ समय पहले यहां आए पाक विस्थापितों के साथ रहेगा।



हिंदू परिवारों का पाकिस्तान से पलायन कर थार लिंक एक्सप्रेस में आना जारी है। ट्रेन के इस फेरे में रेबारी समाज के 24 और भील परिवारों के 21 लोग जोधपुर पहुंचे। रेबारी समाज के लोग पिछले साल हरिद्वार आए थे, तब नागौर के पास गोशाला चलाने वाले समाज के महाराज से मिले थे।



इन लोगों ने पाकिस्तान में होने वाले अत्याचारों की दास्तां सुनाई थी और भारत में बसने की इच्छा जाहिर की थी। इस बार महाराज ने उनके लिए धार्मिक वीजा का इंतजाम कराया तो ये लोग रविवार सुबह जोधपुर पहुंच गए।



फिर समाज के स्थानीय लोगों ने उनके लिए बस का इंतजाम किया और सभी लोग नागौर गोशाला चले गए। वहां महाराज ने उनके रहने की व्यवस्था कर रखी है। देवासी समाज के राष्ट्रीय संगठन मंत्री खानूराम देवासी ने बताया कि विस्थापित परिवार मूल रूप से बाड़मेर-जैसलमेर के रहने वाले थे, मगर वीजा नागौर का होने के कारण उन्हें वहां जाना पड़ा।



देवासी के मार्फत इन लोगों ने सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा से भी संपर्क किया है। संगठन के माध्यम से बाड़मेर-जैसलमेर का वीजा लेने का प्रयास किया जाएगा।



जोधपुर कैंप में हो गए 368 विस्थापित:



भील परिवारों के 21 लोग भी रविवार सुबह धार्मिक वीजा पर जोधपुर आए हैं। वे सभी पूर्व में आए विस्थापितों के गांगाणा रोड पर स्थित अस्थाई कैंप में शामिल हो गए हैं। संगठन की ओर से लगाए गए कैंप में अब विस्थापितों की संख्या 368 हो गई है। दो सप्ताह पहले 171 विस्थापितों का सबसे बड़ा जत्था जोधपुर आया था।