Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Nov 07, 2012 - 00:00:43 AM


Title - नई ट्रेन का किराया ढाई गुना अधिक
Posted by : nikhilndls on Nov 07, 2012 - 00:00:43 AM

जयपुर-हिसार पैसेंजर ट्रेन के फेरे बढ़ाकर जयपुर-अलवर के बीच चलाने की बहुप्रतीक्षित मांग सोमवार को पूरी होने पर लोग खुश दिखाई दिए। दूसरी ओर बहुत से लोगों को निराशा भी हुई, जब उन्हें पैसेंजर ट्रेन की जगह एक्सप्रेस ट्रेन के बराबर का टिकट लेना पड़ा।
स्पेशल ट्रेन का पूरा रैक जयपुर-हिसार पैसेंजर ट्रेन का आया। ट्रेन पर जोधपुर-जयपुर-हिसार पैसेंजर लिखा था, लेकिन रेलवे ने एक हाथ से सुविधा देकर दूसरे हाथ से यात्रियों की जेब से पैसे निकालने का काम किया।
टिकट लेने के लिए सुबह यात्री विंडो पर कतार में खड़े हो गए, लेकिन जब एक्सप्रेस ट्रेन के समान टिकट होने के बारे में पता चला तो बहुत से यात्री बिना टिकट लिए लाइन से हट गए। लोगों की मांग पैसेंजर ट्रेन चलाने की थी, जबकि रेलवे ने कमाई के लिए एक्सप्रेस ट्रेन चला दी। इससे बहुत से लोग नाखुश दिखाई दिए। विदित रहे कि पैसेंजर ट्रेन का दौसा से जयपुर तक का 10 रुपए तथा दौसा से अलवर तक 15 रुपए है, जबकि एक्सप्रेस ट्रेन का क्रमश: 25 व 31 रुपए हैं।

डाउन में 20 व अप में 55 टिकट बिके : स्पेशल ट्रेन को लेकर यात्रियों में जोश और उत्साह था, लेकिन पैसेंजर ट्रेन के मुकाबले दुगुने से 'यादा किराया होने के कारण यात्री भार कम रहा। जयपुर से चलकर अलवर (डाउन) जाते समय 20 टिकट तथा वापसी में अलवर से
चलकर जयपुर (अप) जाते समय 55 टिकट बिके। पहले दिन जयपुर से चलकर ट्रेन सुबह 11:06 की जगह 11:25 बजे दौसा पहुंची, जबकि अलवर से वापसी में दोपहर 3:15 की जगह 3:25 बजे दौसा आई।

किराया पैसेंजर के बराबर हो

दैनिक यात्री सुधीर झालानी का कहना है कि जयपुर-अलवर के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी, लेकिन आम लोगों को सुविधा एक्सप्रेस की जगह
पैसेंजर ट्रेन का किराया लेने से ही मिलेगी। झालानी ने ट्रेन चलाने के लिए जीएम व डीआरएम का आभार जताया है, वहीं किराए के बारे में जनहित में पुन: विचार का अनुरोध किया है।